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तमनार में जिंदल पावर के खिलाफ बवाल: पुलिस का बल प्रयोग, गिरफ्तारी और सड़क हादसे के बाद शांतिपूर्ण धरने ने धरा रौद्र रूप! आगजनी और तोड़फोड़.. महिला थाना प्रभारी को पीटा..

रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल पावर की जनसुनवाई को फर्जी बताकर हजारों लोगों का चल रहा शांतिपूर्ण धरना अब आक्रोश में बदल गया है। सूत्र बता रहे हैं कि तोड़फोड़ और आगजनी की भी घटना हुई है। साथ ही कुछ ग्रामीणों और पुलिस कर्मियों को चोटे भी आई है। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। स्थिति इतनी अप्रिय की पत्रकार भी रिपोर्टिंग छोड़कर जान बचाकर निकले है। जिले बड़े पुलिस अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने में लगे है।

हादसे के बाद भड़का आक्रोश

मिली जानकारी के अनुसार इसकी शुरुआत तब हुई, जब शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे धरने के बीच पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा के साथ करीब 30-40 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया गया। तब तक स्थिति सामान्य थी, कंट्रोल में थी।

इसी बीच  पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग भी किया गया। प्रभावित ग्रामीणों के द्वारा उद्योगों के खिलाफ उनकी गाड़ियों को रोककर आर्थिक नाकेबंदी की गई थी। जिसको पुलिस द्वारा खुलवाया गया। उद्योगों की गाड़ी को पास करवाया गया। इसी दौरान तेज रफ्तार हाईवा ने कोयला खदान के प्रभावित गांव पुरुषलूंगा के एक व्यक्ति को कुचल दिया। हल्ला हुआ कि उसकी मौत हो गई। देर शाम पता चला कि उसकी हालत गंभीर है और उसके दोनों पैर भी काटने होंगे।

हालात बेकाबू

सड़क हादसे के बाद से भीड़ और आक्रोशित हो गई। खबर फैलते ही आसपास के गांव के लोग भी इक्कठे हो गए। करीब दस हज़ार की भीड़ ने रौद्र रूप धारण कर लिया। हालात बेकाबू हो गए। आसपास के उद्योगों खासकर जिंदल पावर के वाहन और प्लांट में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। बताया जा रहा है कि तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को भी चोट आई हैं। कुछ महिलाओं को उनको पीटते हुए वीडियो भी वायरल हो रहा है।

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल समेत सभी बड़े अधिकारी और भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ मौके पर है। स्थिति का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि धरने की रिपोर्टिंग कर रहे स्थानीय पत्रकार भी जान बचाकर वहां से निकल गए है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। फिलहाल हम इस मामले में नजर बनाए हुए हैं। जानकारी मिलने पर अपडेट की जाएगी।

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