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खरसिया परासकोल हत्याकांड पर घिरी रायगढ़ पुलिस : ‘कातिल कोई और, पीटा निर्दोष को’… बना दिया अपाहिज! कांग्रेस बनाएगी जांच टीम!

रायगढ़। खरसिया के परासकोल मर्डर केस में पुलिसिया पूछताछ के दौरान एक ग्रामीण (रमेश चौहान) के लकवाग्रस्त होने का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

हाईलाइट्स

  • परासकोल में पुलिसिया कड़ाई वाली पूछताछ के बाद ग्रामीण के लकवाग्रस्त होने पर कांग्रेस ने खोला पुलिस के खिलाफ मोर्चा
  • नगेंद्र नेगी और तारेंद्र डनसेना ने सरकार को घेरा, होली के बाद बनाएंगे स्वतंत्र जांच टीम
  • कांग्रेस का सवाल: जब कातिल कोई और था तो निर्दोष ग्रामीण को बेरहमी से क्यों पीटा गया?
  • दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल FIR दर्ज करने और पीड़ित के इलाज का खर्च उठाने की मांग

‘कातिल कोई और, तो पीटा किसे?’

​खरसिया पुलिस द्वारा परासकोल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने और 20 वर्षीय असली आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार करने के बाद अब विपक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) नगेंद्र नेगी और प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने संयुक्त बयान जारी कर पुलिस पर वर्दी के खुले दुरुपयोग का आरोप लगाया है। कांग्रेस का सीधा सवाल है कि महज 3000 रुपए के विवाद में जब हत्या किसी और ने की, तो पुलिस ने रमेश चौहान नाम के निर्दोष ग्रामीण को अपाहिज क्यों बना दिया?

होली के बाद कांग्रेस बनाएगी स्वतंत्र जांच टीम

​कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रमेश सुबह बिल्कुल स्वस्थ हालत में थाने गया था। सीटी स्कैन में उसके सिर में खून का थक्का (Blood Clot) जमना पुलिसिया टॉर्चर का साफ प्रमाण है। पुलिस द्वारा पीड़ित को महज ‘आदतन शराबी’ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश को कांग्रेस ने शर्मनाक बताया है।

​इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने ऐलान किया है कि होली पर्व के तुरंत बाद पार्टी की तरफ से एक ‘स्वतंत्र जांच टीम’ गठित की जाएगी। यह टीम पीड़ित परिवार से मिलकर वस्तुस्थिति जानेगी और अपनी रिपोर्ट जनता के सामने रखेगी।

दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग

​कांग्रेस ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि एसडीएम द्वारा पीड़ित परिवार को अस्पताल में 5000 रुपए की फौरी मदद देना, इस बात की परोक्ष स्वीकारोक्ति है कि युवक के साथ अन्याय हुआ है।

पार्टी ने प्रदेश सरकार से स्पष्ट मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उन पर एफआईआर दर्ज की जाए और रायपुर में जिंदगी की जंग लड़ रहे पीड़ित के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए।

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