रायगढ़: ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले अवैध मादक पदार्थों के एक बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत लैलूंगा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी कर 8 अंतरराज्यीय तस्करों को दबोच लिया। इनके कब्जे से 34.865 किलोग्राम गांजा, तीन कारें, एक स्कूटी और 8 मोबाइल फोन समेत कुल 61 लाख 53 हजार 200 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पायलटिंग कर रहे थे आगे, पीछे थी गांजे से लदी सफारी
जांच में सामने आया कि तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाया था। गिरोह के छह सदस्य दो हुंडई औरा कारों में आगे-आगे रूट क्लियर करते हुए पायलटिंग कर रहे थे, जबकि उनके पीछे टाटा सफारी (UP 70 DF 0050) में गांजे की खेप लोड थी। सरिया पुलिस ने कंचनपुर बैरियर और बरगढ़ मार्ग पर संदेह के आधार पर दोनों औरा कारों को रोका। पकड़े जाने की भनक लगते ही इन आरोपियों ने सफारी चालक अनिल चौधरी को अलर्ट किया, जिसके बाद उसने गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन लैलूंगा पुलिस ने नाकेबंदी कर उसे धर दबोचा।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार चौधरी (अलीगढ़), गगन कुमार चौधरी (अलीगढ़), संदीप सिंह (प्रयागराज), ललित पाल (फतेहपुर), शुभम सिंह (फतेहपुर), दीपांशु सिंह (फतेहपुर), प्रिंस सिंह (फतेहपुर) और देवेंद्र तिवारी (कौशांबी) के रूप में हुई है। पूछताछ में पुष्टि हुई कि यह पूरा गिरोह लंबे समय से ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खपाने का काम कर रहा था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
लैलूंगा थाने में सभी आठ आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। जब्त गांजे की बाजार कीमत करीब 17.43 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि प्रयुक्त वाहनों की कीमत 43 लाख से अधिक है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल कर रही है।







