रायगढ़: चक्रधर समारोह के 41वें संस्करण की तारीखों और कलाकारों की आधिकारिक सूची तय हो चुकी है। 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में 10 दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत और काव्य का संगम दिखेगा। संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रबंधन में होने वाले इस कार्यक्रम में देश और राज्य के कई नामचीन फनकार मंच साझा करेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे से प्रस्तुतियां शुरू होंगी।
शुरुआती दिनों में पंडवानी, लोकधुनों और शास्त्रीय विधाओं की गूंज
आयोजन का आगाज 14 सितंबर को वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना से होगा। पहले ही दिन पद्मश्री अनुज शर्मा का लोक संगीत और पद्मश्री डॉ. उषा बारले का पंडवानी गायन मुख्य केंद्र रहेगा। 15 सितंबर को निशित गंगानी का तबला वादन, टी. लक्ष्मी रेड्डी का कुचिपुड़ी और बाड़मेर के स्टार्क सोसाइटी की ओर से राजस्थानी लोक प्रस्तुतियां होंगी। 16 सितंबर को मौमाला नायक, डॉ. यास्मीन सिंह और विभूति शर्मा के कथक के साथ भूपेंद्र साहू और पायल साहू के दलों का लोकनृत्य मंच पर उतरेगा।
कबीर भजन, हास्य-व्यंग्य और कथक घराने की प्रस्तुतियां
17 सितंबर को बस्तर की ‘बादल’ अकादमी का लोक संगीत, जान्हवी बेहरा का ओडिसी और शिवरंजनी हरीश का भरतनाट्यम होगा। 18 सितंबर को डॉ. मंजू इलंगबम का मणिपुरी नृत्य और पद्मश्री भारती बंधु के कबीर भजन गूंजेंगे। 19 सितंबर को पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा की काव्य संध्या और रीला होता का ओडिसी आकर्षण बनेगा। 20 सितंबर को इंडियन आइडल फेम अमित साना का गायन और पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की प्रस्तुति होगी। 21 सितंबर को बनारस घराने के कथक के साथ संतूर-पखावज-तबला की त्रिवेणी प्रस्तुत होगी।
कविता कृष्णमूर्ति के गायन से होगा भव्य समापन
समारोह के अंतिम पड़ाव में 22 सितंबर को कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर का कथकली, दीक्षा रथ का ओडिसी, डॉ. लवली शर्मा का सितार वादन और राकेश शर्मा का सूफी-गजल गायन होगा। 23 सितंबर को देश की दिग्गज पार्श्व गायिका, पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति के गायन के साथ 41वें चक्रधर समारोह का समापन होगा। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है।







