रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा असंगठित कर्मकारों के मेधावी बच्चों को उच्च और व्यावसायिक शिक्षा जारी रखने के लिए शैक्षणिक प्रोत्साहन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में रुकने से रोकना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं-12वीं से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक निर्धारित मापदंडों के आधार पर राशि प्रदान की जाएगी।
कक्षा 10वीं से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक आर्थिक मदद
योजना के प्रावधानों के अनुसार, मंडल में पंजीकृत पात्र असंगठित श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को एक शैक्षणिक वर्ष में एक बार एकमुश्त सहायता राशि मिलेगी। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को 5,000 से 5,500 रुपये, स्नातक स्तर पर 7,000 से 7,500 रुपये तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 10,000 से 10,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को 12,000 से 12,500 रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है।
बोर्ड परीक्षा के मेधावियों के लिए एक लाख रुपये की विशेष सहायता
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं अथवा 12वीं की परीक्षा में राज्य स्तर पर टॉप-10 में जगह बनाने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि रखी गई है। इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों के लिए दुपहिया वाहन क्रय हेतु भी एक लाख रुपये की सहायता का उल्लेख किया गया है। इन विशेष लाभों को प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों और मेरिट प्रमाण पत्र सहित आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।
पात्रता नियम, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन तिथि से न्यूनतम 90 दिन पूर्व संबंधित मंडल में श्रमिक का पंजीयन होना जरूरी है। विद्यार्थी को पूर्व कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र में नियमित अध्ययनरत होना चाहिए, हालांकि स्नातक और स्नातकोत्तर की अंतिम कक्षा उत्तीर्ण करने वालों को इस नियम से छूट दी गई है। पात्र विद्यार्थी विभागीय पोर्टल, चॉइस सेंटर, श्रमेव जयते मोबाइल ऐप अथवा श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ अंकसूची, वर्तमान अध्ययन का प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और स्व-घोषणा पत्र संलग्न करना होगा।
जांच के बाद डीबीटी से बैंक खाते में ट्रांसफर होगी राशि
प्राप्त आवेदनों का सत्यापन जिले के सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी अथवा सहायक श्रम पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा। आवेदन स्वीकृत होने के उपरांत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजी जाएगी। जिला श्रम अधिकारी ने पात्र श्रमिक परिवारों से योजना की शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करने की अपील की है, जिससे बच्चों की शिक्षा में आर्थिक बाधा न आए।






