रायगढ़। ग्राम भिखारीमाल में मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल 43 वर्षीय कन्हैया महार की रायपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए चक्रधरनगर पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के अपराध में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) जोड़ते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है। घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त कर बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।
ऑटो किराया देने बाहर निकले और देर रात अचेत मिले
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी त्रिलोचन महार (70 वर्ष) ने 30 अक्टूबर 2026 को थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 25 अक्टूबर 2026 की रात उनका पुत्र कन्हैया महार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल संबलपुर (ओडिशा) से ट्रेन द्वारा घर लौटा था। घर पहुंचने के बाद वह ऑटो चालक को किराया देने के लिए बाहर निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने सोचा कि वह बस्ती की ओर गया होगा, लेकिन देर रात करीब 1:30 बजे गांव के तीन युवक उसे अचेत अवस्था में घर लेकर पहुंचे। अगली सुबह परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ ले गए।
विवाद के दौरान बांस के डंडे से सिर पर किया गया था वार
कन्हैया को घर पहुंचाने वाले युवकों से पूछताछ में सामने आया कि देर रात गांव के ही एक विधि से संघर्षरत बालक के साथ उसका किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान बालक ने बांस के डंडे से कन्हैया के सिर पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने पहुंचे युवकों के साथ भी मारपीट की गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरुआत में मारपीट की धाराओं 296, 351(3), 115(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
रायपुर में उपचार के दौरान तोड़ा दम, केस में जुड़ी हत्या की धारा
गंभीर स्थिति को देखते हुए कन्हैया को जिला अस्पताल रायगढ़ से रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रायपुर के थाना गोलबाजार में शून्य पर मर्ग कायम होने के बाद डायरी चक्रधरनगर थाना भेजी गई। असल मर्ग कायम करने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस जोड़ दी। इसके बाद चक्रधरनगर थाना प्रभारी राकेश मिश्रा और प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर की टीम ने विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लेकर उसके मेमोरेंडम पर डंडा बरामद किया और उसे किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया।









