रायगढ़। जिले में दो अलग-अलग बाइक चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक अपचारी बालक सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूंजीपथरा और लैलूंगा थाना क्षेत्रों में हुई इन कार्रवाइयों में आरोपियों के कब्जे से करीब 7 लाख रुपये कीमत की 10 मोटरसाइकिलें और दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ चोरी के साथ संगठित अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पूंजीपथरा पुलिस ने जंगल से बरामद कीं पत्तियों में छिपाई गई 9 बाइक
पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 2 नवंबर को तराईमाल स्थित बीएस कंपनी कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार बघेल ने अपनी पल्सर मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी की शिकायत पर बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान एक गुम मोबाइल की लोकेशन बंजारी मंदिर के पास जंगल में मिली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस को तांबा चोरी के मामले में पहले जेल जा चुके राजू चौहान के सक्रिय होने की जानकारी मिली।
संदेह के आधार पर पुलिस ने राजू चौहान, लक्की सिदार, राजेश श्रीवास, बीर सिंह उर्फ लाल सिंह, सूर्यदेव राम और एक अपचारी बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने संगठित होकर रात के समय क्षेत्र में घूम-घूमकर वाहन चोरी करना और उन्हें जंगल में पत्तियों से ढककर छिपाना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से 6 लाख 12 हजार रुपये मूल्य की 9 मोटरसाइकिलें और दो मोबाइल बरामद किए गए। संगठित रूप से अपराध करने पर मामले में बीएनएस की धारा 112(2) भी जोड़ी गई है।
लैलूंगा में मॉडिफाई कर बाइक बेचने की फिराक में थे दो आरोपी
दूसरी कार्रवाई लैलूंगा थाना क्षेत्र में हुई, जहां 26 अक्टूबर को राताखण्ड मेन रोड किनारे से पुरुषोत्तम पैकरा की पल्सर मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम राजपुर निवासी अनिश यादव और निलेश यादव चोरी की बाइक को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में हैं।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने मोटरसाइकिल के कुछ पार्ट्स बदलकर उसे मॉडिफाई करना स्वीकार किया, ताकि उसे आसानी से बेचा जा सके। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 80 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा और चोरी में संलिप्त अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।









