रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। जमीन अधिग्रहण में मिले करीब 30 लाख रुपये के मुआवजे को शराब में उड़ाने से नाराज एक पत्नी ने अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बकायदा ब्लेड से कलाई की नस काटी गई, लेकिन रायगढ़ पुलिस की पैनी नजर और 48 घंटे की कड़ी विवेचना ने इस ‘अंधे कत्ल’ की पूरी कहानी से पर्दा उठा दिया।

मुआवजा
तराईमाल के धनवारपारा में किराए के मकान में रहने वाले 50 वर्षीय गनपती लाल भगत के पास करीब एक साल पहले गारे-पेलमा माइंस में पैतृक जमीन के अधिग्रहण से मुआवजे के रूप में 25-30 लाख रुपये आए थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद गनपती लाल शराब के भारी नशे में डूब गया और पैसों को पानी की तरह बहाने लगा। जब पत्नी गंगाबाई भगत (45 वर्ष) पैसे मांगती, तो वह विवाद और मारपीट करता। वर्षों की घरेलू हिंसा और आंखों के सामने लाखों रुपये शराब में उड़ते देख, पत्नी के सिर पर खून सवार हो गया।
‘सुसाइड’
23 जुलाई 2026 की सुबह गनपती लाल फिर से शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और पत्नी-बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी गंगाबाई ने दो अन्य (विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों) के साथ मिलकर उसे मौत की नींद सुलाने का खौफनाक प्लान बनाया। उन्होंने मिलकर साड़ी और गमछे से गनपती का गला घोंट दिया।
हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने और पूरे मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए उन्होंने एक शातिर चाल चली। उन्होंने ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई की नस काट दी और उस पर कपड़ा ढंक कर उसे तख्त पर लिटा दिया।

दामाद और पुलिस
इस ‘खूनी खेल’ का खुलासा तब हुआ जब 25 जुलाई को मृतक के दामाद सोनसाय उरांव (27 साल) ने पूंजीपथरा थाने में सूचना दी कि उसके ससुर का शव तख्त पर पड़ा है और गले में साड़ी का कपड़ा बंधा है। पूंजीपथरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल के हालात और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।
पत्नी का तिलिस्म
पुलिस टीम ने जांच का पूरा फोकस मृतक के परिवार पर किया। जब पत्नी गंगाबाई से सघन और वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी गंगाबाई और दोनों अपचारी बालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।









