छोड़कर सामग्री पर जाएँ

दिल्ली दरबार’ में भूपेश बघेल का बढ़ता ‘राष्ट्रीय कद’: कांग्रेस की शीर्ष बैठक में राहुल-प्रियंका के करीब वाली कुर्सी के मायने?

नई दिल्ली/रायपुर (11 जून)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा भवन में आज  को कांग्रेस आलाकमान की एक बेहद अहम बैठक हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में केसी वेणुगोपाल, सभी महासचिव, प्रदेश प्रभारी और पीसीसी अध्यक्ष शामिल हुए। लेकिन इस बैठक से निकलकर आई तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ की सियासत के लिए एक बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश दे दिया है।

बैठक से पहले मंच पर INC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात करते राहुल गांधी
बैठक शुरू होने से पहले मंच पर प्रियंका गांधी से चर्चा करते भूपेश बघेल

तस्वीरों के सियासी ‘प्रोटोकॉल’ पर गौर करें, तो फ्रेम बहुत कुछ बोलता है। एक तरफ राहुल गांधी के बगल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बैठे नजर आए, तो दूसरी तरफ राहुल के ठीक बगल में प्रियंका गांधी और उनके ठीक साथ बैठे चर्चा करते दिखे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। इस शीर्ष बैठक में भूपेश बघेल की ‘कुर्सी’ और उसका स्थान ही अपने आप में एक बड़ा सियासी बयान है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनका कद अब काफी ऊंचा हो चुका है।

आईएनसी कांग्रेस के द्वारा एक पर साझा की गई तस्वीर

​रातों-रात नहीं मिला यह ओहदा

सियासत में कुर्सियों की जगह यूं ही तय नहीं होती। राष्ट्रीय नेतृत्व के ‘इनर सर्कल’ (Inner Circle) तक पहुंचने का यह सियासी मुकाम महज़ इत्तेफाक नहीं है, बल्कि…इसके पीछे एक लंबा और पसीने से भीगा राजनीतिक संघर्ष है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में लगातार 15 सालों तक सत्ता का सुख भोग रही भाजपा के तिलिस्म को तोड़ने का सबसे बड़ा श्रेय भूपेश बघेल को ही जाता है।

​आक्रामक और जमीनी राजनीति के ‘स्ट्रीट फाइटर’

भूपेश बघेल की सियासी पूंजी उनकी आक्रामक, बेखौफ और ‘ठेठ’ जमीनी राजनीति है। जब प्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह से हताश हो चुकी थी, तब उन्होंने एसी कमरों की राजनीति छोड़कर सड़क पर उतरकर लाठियां खाईं। वे एक ऐसे ‘स्ट्रीट फाइटर’ नेता के रूप में उभरे, जिसने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में जान फूंकी, बल्कि एक बंपर बहुमत के साथ कांग्रेस की वापसी कराई। आज उनका यही जुझारूपन दिल्ली के दरबार में उनके कद को सबसे अलग खड़ा कर रहा है।

फाइनली..

पीसीसी अध्यक्षों और प्रभारियों की इस अहम राष्ट्रीय बैठक में भूपेश बघेल का यह नया ‘ऑर्डर’ एक साफ संकेत है कि कॉंग्रेस राजनीति में फ़िलहाल छत्तीसगढ़ मे भूपेश बघेल से बड़ा और ऊंचे कद का नेता कोई नहीं है!

– आशीष शर्मा (संपादक RIG24)

ख़बर शेयर करें:

Related News

SECR महाप्रबंधक को मजदूर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन: रेलकर्मियों की समस्याओं के निराकरण का मिला आश्वासन

चांपा-रायगढ़ रेलखंड के वार्षिक सुरक्षा निरीक्षण के दौरान SECRMC ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया।
अक्टूबर 2, 2026

नियमों को ताक पर रखकर फ्लाई ऐश की डंपिंग: महानदी और ग्रामीण जीवन पर गंभीर संकट! समझिए 4 प्वाइंट्स में पूरा खेल

बाढ़ में घुली अडानी पावर की राख, लहलहाती फसलों पर बिछा जहर; NGT से हस्तक्षेप की गुहार लगाने की तैयारी में सारंगढ़ के किसान।
अक्टूबर 2, 2026

पर्यावरण मंत्री के घर से 10 किमी दूर ‘डेथ ज़ोन’ बना NH-49: सड़क वेदांता की ‘मौत वाली धुंध’, अंधा सिस्टम और भारी ट्रेलरों का खौफ

चालू वाशरी के डंपिंग यार्ड ने छीनी कुनकुनी की सांसें। सड़क पर फैला कीचड़ सूखकर बन रहा ज़हरीला बवंडर, दिन के उजाले में भी गायब होती विजिबिलिटी और रात के अंधेरे में रोज़ दांव पर लग रही राहगीरों की जान।
अक्टूबर 1, 2026

फर्जी मालिक बनकर हड़पी पण्डो जनजाति की जमीन: पटवारी, गवाह के बाद अब सुखन राठिया भी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाकर कराई थी रजिस्ट्री

फर्जी पहचान पत्र बनाकर विशेष संरक्षित जनजाति की जमीन गैर-आदिवासी को बेचने के मामले में 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत कापू पुलिस ने की कार्रवाई।
अक्टूबर 1, 2026

आदिवासी जमीन का खेल: 2018 में जो नामांतरण हुआ था खारिज, 2023 में नए अफसर ने किया पास; कलेक्टर ने बैठाई जांच

2018 में नजूल कोर्ट से खारिज हुए आवेदन को 2023 में नए अधिकारी ने दी मंजूरी, बिना अनुमति खरीदी गई थी जमीन
अक्टूबर 1, 2026

17 साल की लड़की ने बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट: सब्बल से मारा, ब्लेड से गर्दन रेता! बोली; ‘मेरा रेप…’

महुआपारा में निर्माणाधीन मकान के चौकीदार की सब्बल और ब्लेड से की गई थी हत्या, आरोपी किशोरी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।
अक्टूबर 1, 2026

उपभोक्ताओं की शिकायतों से घबराया रायगढ़ बिजली विभाग: व्हाट्सएप ग्रुप ही कर दिया डिलीट

उद्योगों ने लगाया उपकरण जलने और लाखों के नुकसान का आरोप, बिजली विभाग बोला- व्यवस्था सुधारने के लिए डिवीजन स्तर पर बनाए नए ग्रुप
अक्टूबर 1, 2026

दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति बैठक: पुलिस और प्रशासन की हिदायत- गरबा और डांडिया आयोजनों में बनाए रखें मर्यादा!

प्रशासन ने आयोजकों को दिए निर्देश; विसर्जन नियमों, ध्वनि सीमा और गरबा कार्यक्रमों में मर्यादा बनाए रखने पर रहा जोर
सितम्बर 30, 2026