रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में अधिक कीमत पर शराब बेचने और धांधली के मामलों में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आबकारी विभाग ने एक ही दिन में तीन बड़े अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
विभाग ने लापरवाही और अनियमितता के मामले में दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, 53 पेटी अवैध शराब जब्त होने के मामले में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा सरकार को भेजी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले में कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
पहली कार्रवाई बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हुई है। यहां की रोहासी देशी शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत मिली थी। मामले में ठोस कदम न उठाने और दुकान के सीसीटीवी अपडेट न रखने पर आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को सस्पेंड कर दिया गया।
दूसरी कार्रवाई धमतरी और बालोद से जुड़ी है। धमतरी के अर्जुनी क्षेत्र में 25 जुलाई को 53 पेटी अवैध शराब जब्त की गई थी। जांच में पता चला कि यह शराब बालोद की अरकार दुकान से तय सीमा से अधिक मात्रा में बेची गई थी। इस पर उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को निलंबित कर दिया गया।
इसी मामले में अरकार दुकान की प्रभारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन की लापरवाही भी सामने आई है। उनके खिलाफ आबकारी आयुक्त ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भेजी है। विभाग ने साफ किया है कि ओवररेटिंग और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा।









