रायगढ़। रायगढ़ में मिलावटी और अमानक डेयरी उत्पादों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। जिले में नकली पनीर, क्रीम और मक्खन यानी ‘डेयरी एनालॉग’ की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों ने मंगलवार को कई प्रमुख डेयरियों और दुकानों पर औचक छापेमारी की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने बड़े रामपुर स्थित फ्रेसशेल डेयरी का औचक निरीक्षण किया। यहां स्वच्छता व्यवस्था, स्टॉक और उत्पादन संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में डेयरी एनालॉग पनीर तो नहीं मिला, लेकिन संदेह के आधार पर दही और पनीर के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं।

इसी तरह शहर के गणगौर स्वीट्स से पनीर और बार-बार इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल (Used Cooking Oil) के नमूने जब्त किए गए। वहीं जूटमिल स्थित मामा डेयरी, गणेश डेयरी और सुश्री होटल में भी निरीक्षण किया गया। टीम ने सभी संचालकों को किसी भी प्रकार के अमानक या नकली डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल न करने की सख्त हिदायत दी है।
अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि ‘डेयरी एनालॉग’ ऐसे उत्पाद होते हैं जिनमें असली दूध की जगह वनस्पति तेल और फैट का इस्तेमाल किया जाता है। ये देखने में बिल्कुल असली पनीर या मक्खन जैसे दिखते हैं, जिससे आम उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाते हैं। FSSAI के निर्देशों के तहत पूरे जिले में इनके निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है कि वे पैकेज्ड डेयरी उत्पाद खरीदते समय लेबल जरूर जांचें। यदि किसी दुकान पर मिलावटी दूध, पनीर या मिठाइयों की बिक्री की जानकारी मिले, तो तत्काल विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों के मुताबिक यह जांच अभियान जिले में आगे भी लगातार जारी रहेगा।









