रायगढ़। चक्रधर समारोह के दूसरे दिन की अंतिम प्रस्तुति में माधवरस बैंड ने पारंपरिक भक्ति संगीत और आधुनिक धुनों के अनूठे संगम से समां बांध दिया। “हरे कृष्ण हरे कृष्ण, हरे राम हरे राम” के महामंत्र से शुरू हुए इस कार्यक्रम में दर्शकों को भक्ति गीतों के साथ रॉक और इलेक्ट्रॉनिक संगीत का तालमेल सुनने को मिला। इस प्रस्तुति के साथ ही समारोह के दूसरे दिन के आयोजनों का समापन हुआ।

विदेशी कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक धुनों का समावेश
माधवरस बैंड के इस मंचन में विदेशी कलाकार भी शामिल रहे। बैंड ने पारंपरिक भजनों और वैदिक मंत्रोच्चार को रॉक तथा इलेक्ट्रॉनिक संगीत की धुनों में पिरोकर पेश किया। संगीत की लय और ताल बदलने के साथ ही मंच पर कलाकारों की प्रस्तुति का अंदाज भी बदलता रहा, जिससे दर्शक देर रात तक पंडाल में डटे रहे और कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।

महामृत्युंजय मंत्र से लेकर राधा रानी के भजनों की प्रस्तुति
बैंड ने अपने कार्यक्रम को “जय राधा माधव, जय कुंज बिहारी” के साथ आगे बढ़ाया। इसके पश्चात “तेरा सुंदर रूप सलौना”, “बम बम लहरी”, महामृत्युंजय मंत्र और “ॐ नमः शिवाय” का प्रभावी गायन हुआ। इसके बाद “अच्युतम केशवम”, राधा रानी के विभिन्न भजन और “राधे अलबेली सरकार, जपेगा राधे सरकार” जैसी रचनाओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
माधवरस बैंड इससे पहले देश-विदेश के कई बड़े मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुका है। दिल्ली के लालबाग के राजा गणेश उत्सव सहित कई प्रतिष्ठित आयोजनों में भाग ले चुके इस बैंड ने चक्रधर समारोह के मंच पर भी अपनी विशिष्ट संगीत शैली की छाप छोड़ी।








