रायगढ़। छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के करीब दो महीने बाद भी जमीनी स्तर पर इसका पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो सका है। राजस्व विभाग ने 9 सितंबर 2026 को 57 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के तबादले किए थे, लेकिन पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से केवल 19 अधिकारियों ने ही अब तक अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण किया है। शेष अधिकारी अब भी अपनी पुरानी पदस्थापना पर ही कार्यरत हैं।
स्थानांतरण आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया के तहत पुरानी जगह से भारमुक्त होकर नई पदस्थापना पर पहुंचना था। हालांकि, कई अधिकारियों की रवानगी अब तक नहीं हो पाई है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा सवाल उन मामलों में हैं जहां रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े व सुविधाजनक जिलों से अधिकारियों को बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जशपुर जैसे दूरस्थ एवं अनुसूचित क्षेत्रों में भेजा गया है।
नियमों के तहत 10 दिन में भारमुक्ति और सात दिन में ज्वाइनिंग का है प्रावधान
सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद 10 दिनों के भीतर एकतरफा भारमुक्ति और संबंधित कर्मचारी द्वारा सात दिनों के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने की व्यवस्था तय है। इसके विपरीत, करीब दो महीने का समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों के नई पदस्थापना पर न पहुंचने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजस्व विभाग में चर्चा है कि कुछ अधिकारी कामकाज और प्रशासनिक आवश्यकता का हवाला देकर अपनी रिलीविंग रुकवाने में सफल रहे हैं, जबकि कई अन्य अधिकारियों ने आदेश का पालन करते हुए तय समय पर पदभार ग्रहण कर लिया। हालांकि, किसी अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से दबाव बनाने या किसी प्रभाव में रिलीविंग रुकवाने की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लंबित मामलों में सरकार कर सकती है एकतरफा भारमुक्ति
9 सितंबर के तबादला आदेश में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, जशपुर, बालोद, धमतरी और रायगढ़ समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल थे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उमेश कुमार कुशवाहा को कोरिया से रायगढ़, शिवम पांडेय को रायगढ़ से दंतेवाड़ा, संतोष कुमार ध्रुव को दंतेवाड़ा से महासमुंद, कमलावती सिंह को सरगुजा से जांजगीर-चांपा और रूपेश कुमार मरकाम को बस्तर से कांकेर स्थानांतरित किया गया था।
आदेश का पालन न होने की स्थिति को देखते हुए अब राजस्व विभाग स्तर पर सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। जिन अधिकारियों ने अब तक पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त होकर नई जगह पदभार ग्रहण नहीं किया है, उन्हें विभाग द्वारा एकतरफा भारमुक्त (रिलीव) किया जा सकता है, ताकि आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके।









