रायगढ़। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) अश्वनी कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने 103 किलो से अधिक गांजे की तस्करी के मामले में आरोपी वरुण सिंह को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। रायगढ़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
नवापाली मुख्य मार्ग पर 20 पैकेटों में मिला था गांजा
पुलिस के अनुसार, यह मामला 10 सितंबर 2023 का है। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने नवापाली मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा था। जांच के दौरान आरोपी की पहचान वरुण सिंह (32 वर्ष), निवासी सीसीएल कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 12, बैकुंठपुर, जिला कोरिया के रूप में हुई।
तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 20 पैकेटों में रखा कुल 103.150 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। आरोपी गांजे के अवैध परिवहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुज्ञप्ति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद चक्रधरनगर थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 452/2023 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
अदालत में 14 गवाहों और 65 दस्तावेजों के आधार पर तय हुआ दोष
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने की थी। उन्होंने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में पेश किए। अदालत में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक वेद प्रकाश पटेल ने पैरवी की। अभियोजन ने आरोपी का दोष सिद्ध करने के लिए 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 65 महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए।

दोनों पक्षों के तर्कों और गवाहों के बयानों का संज्ञान लेते हुए विशेष अदालत ने आरोपी वरुण सिंह को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(C) के तहत दोषी पाया और 15 साल के कठोर कारावास सहित अर्थदंड की सजा मुकर्रर की।
गंभीर अपराधों में मजबूत साक्ष्य जुटाने के निर्देश
एसएसपी रायगढ़ शशी मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में त्रुटिरहित विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि साक्ष्यों का मजबूत संकलन और अदालत में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के कारण ही ऐसे गंभीर मामलों में दोषियों को कठोर सजा दिलाई जा सकी है।








