रायगढ़। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। पंजीकृत किसानों से उनके रकबे के आधार पर कुल 112 धान उपार्जन केंद्रों के जरिए धान की खरीदी की जाएगी। कलेक्टोरेट परिसर स्थित सृजन सभाकक्ष में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक किसानों से निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही धान की खरीदी की जाएगी। खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा बिचौलियों और कोचियों द्वारा अवैध धान की आवक को पूरी तरह रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। सभी अनुविभागीय अधिकारियों और केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारियों को केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कर कंप्यूटर, हमाल, बारदाने, पेयजल और किसानों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सीमावर्ती इलाकों में 20 चेक पोस्ट और 24 घंटे निगरानी
पड़ोसी राज्यों से अवैध धान लाकर उपार्जन केंद्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। इन चेक पोस्टों पर तीन पालियों में चार टीमों की तैनाती कर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को इन चेक पोस्टों का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जहां राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग के कर्मचारी वाहनों की कड़ी जांच करेंगे।
इसके अलावा अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो के नेतृत्व में जिला स्तरीय निगरानी समिति बनाई गई है। साथ ही रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकडेगा तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं, जो बिचौलियों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखेंगे।
सीसीटीवी निगरानी और गुणवत्ता जांच के कड़े नियम
उपार्जन केंद्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है, जिनका कम से कम 30 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखना होगा। धान की तौल केवल इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्रों से होगी और आर्द्रतामापी यंत्रों से नमी की नियमित जांच की जाएगी। केंद्रों में मोटा एवं सरना धान तथा नए और पुराने बारदानों की अलग-अलग स्टेकिंग की जाएगी। प्रत्येक शनिवार को नोडल अधिकारियों द्वारा बारदानों और धान के स्टेक का सत्यापन किया जाएगा।
तुंहर टोकन एप से जारी होंगे ऑनलाइन टोकन
किसानों की सुविधा के लिए इस बार भी तुंहर टोकन मोबाइल एप के जरिए टोकन जारी किए जाएंगे, जिससे किसान घर बैठे 24 घंटे टोकन ले सकेंगे। एप के जरिए सुबह 8 बजे से और सोसायटियों के माध्यम से सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी करने की सुविधा रहेगी।
अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की समीक्षा की। जिले में लगभग 84 हजार 103 पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और ग्राम कोटवार वर्ग के पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।








