घरघोड़ा पुलिस ने एनटीपीसी परियोजना के तहत मिले मुआवजे की राशि में से 49 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने पीड़ित ग्रामीण की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर चेक पर हस्ताक्षर कराए और बड़ी रकम अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर करवा ली। मामले का दूसरा आरोपी फिलहाल फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन और मकान एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित हुआ था। इसके एवज में उसे 69 लाख 64 हजार 618 रुपये का मुआवजा मिला था। गांव के खगेश्वर गुप्ता ने मुआवजा राशि से जुड़ी कागजी कार्यवाही कराने का झांसा देकर अमीर कुमार की बैंक पासबुक अपने पास रख ली थी। इसके बाद 8 जून 2026 को खगेश्वर अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ पीड़ित को पंजाब नेशनल बैंक की रायकेरा शाखा लेकर पहुंचा।
बैंक में आरोपियों ने प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अमीर कुमार से चेक पर हस्ताक्षर करा लिए। पीड़ित ने अपने बच्चों के खातों में 5-5 लाख रुपये जमा कराने की सहमति दी थी, लेकिन आरोपियों ने चुपके से मोतीलाल गुप्ता के खाते में 25 लाख रुपये और जगदीश गुप्ता के खाते में 24 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए। जब पीड़ित ने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब कुल 49.50 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ।
शिकायत के आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी खगेश्वर गुप्ता (29 वर्ष, निवासी तिलाईपाली, तमनार) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 18 अगस्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।








