छोड़कर सामग्री पर जाएँ

राहुल गांधी के ‘अडानी विरोध’ की हवा निकाल रहीं अपनी ही विधायक? तमनार जनसुनवाई में विद्यावती सिदार की ‘मौन सहमति’ पर उठे बड़े सवाल, हाईकमान तक पहुंची रिपोर्ट

रायगढ़ (RIG24)। देश की राजनीति में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और  राहुल गांधी का सबसे बड़ा चुनावी और राजनीतिक मुद्दा ‘अडानी समूह’ रहा है। वे हर मंच से जल, जंगल, जमीन और खदानों के मुद्दे पर अडानी के खिलाफ मुखर रहे हैं। लेकिन रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की इस राष्ट्रीय लाइन की धज्जियां खुद उनकी ही पार्टी की विधायक उड़ाती नजर आ रही हैं।

​बीते 8 जून को तमनार (जो लैलूंगा विधानसभा में आता है) में एसईसीएल (SECL) की नई कोल माइंस को लेकर एक बड़ी जनसुनवाई हुई। इस खदान का एमडीयू (MDU – Mine Developer and Operator) सीधे तौर पर ‘अडानी’ के पास है। लेकिन जिस मंच पर स्थानीय जनता प्रदूषण, पर्यावरण और अपने रोजगार की लड़ाई लड़ रही थी, वहां से क्षेत्र की कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार नदारद रहीं। उनकी इस ‘मौन सहमति’ ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।

​एक ही पार्टी, दो विधायक… अलग-अलग रवैया!

विधायक विद्यावती सिदार की इस चुप्पी पर सवाल इसलिए भी गहरे हो रहे हैं क्योंकि बगल के धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के ही विधायक लालजीत राठिया ने अडानी ग्रुप के पुरूंगा अंडरग्राउंड कोल माइंस की जनसुनवाई का जोरदार तरीके से जमीनी विरोध किया था। राठिया के उग्र प्रदर्शन का ही नतीजा था कि प्रशासन को जनसुनवाई टालनी पड़ी, जिसकी नई तारीख अब तक तय नहीं हो पाई है।

इतना ही नहीं, SECL (अडानी) तमनार माइंस को लेकर लैलूंगा के ही पूर्व कांग्रेसी विधायक हृदय राम राठिया ने भी जनसुनवाई से हफ्ते भर पहले सैकड़ों ग्रामीणों की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। बीते दिसंबर में विद्यावती सिदार खुद ‘जिंदल माइंस’ को लेकर मुखर नजर आई थीं। तो फिर जब बात ‘अडानी’ की आई, तो विधायक जी ने चुप्पी क्यों साध ली?

​सोशल मीडिया का ‘खेल’ और खामोशी के मायने

विधायक के सोशल मीडिया अकाउंट्स की टाइमलाइन उनकी इस मौन सहमति की गवाही खुद दे रही है। अमूमन हर रोज जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यक्रमों की तस्वीरें शेयर करने वाली विधायक के अकाउंट पर 4 जून से 8 जून (जनसुनवाई के दिन) तक पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।

​सबसे ज्यादा ताज्जुब की बात यह है कि जनसुनवाई खत्म होने के बाद उन्होंने एक समाचार पत्र की कटिंग जरूर शेयर की, जिसमें उनके द्वारा ‘जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण और रोजगार’ की बातें कही गई थीं। लेकिन इस पूरी कटिंग या उनकी किसी भी पोस्ट में 8 जून को हुई SECL (अडानी) की जनसुनवाई का एक शब्द भी जिक्र नहीं था। अगले ही दिन 9 जून को वे फिर से अपने जनसंपर्क की तस्वीरें शेयर करने लगीं। इतनी बड़ी खदान और इतने बड़े प्रभावित क्षेत्र को लेकर एक जनप्रतिनिधि का यूं कन्नी काटना, सीधे तौर पर ‘मूक समर्थन’ की ओर इशारा करता है।

​सर्वे टीम की नजर, हाईकमान तक पहुंची ‘मौन’ की गूंज

विधायक की यह खामोशी अब उनके लिए गले की फांस बन सकती है। सूत्रों के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, आगामी 21 जून को राहुल गांधी लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी की एक कोर ‘सर्वे टीम’ पूरे छत्तीसगढ़ में गुपचुप तरीके से अपना काम कर रही है और हर विधानसभा की ग्राउंड रिपोर्ट हाईकमान तक भेज रही है।

​सूत्र बताते हैं कि तमनार के इस ज्वलंत मुद्दे, अडानी के एमडीयू वाली खदान पर जनता के विरोध और विधायक विद्यावती सिदार की इस ‘संदिग्ध चुप्पी’ की पूरी रिपोर्ट एआईसीसी (AICC) हाईकमान के टेबल तक पहुंच चुकी है।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि ‘अडानी’ के खिलाफ हुंकार भरने वाले राहुल गांधी, जब 21 जून को छत्तीसगढ़ की धरती पर कदम रखेंगे, तो अपनी ही पार्टी की विधायक की इस ‘मौन सहमति’ पर, किसी मीडिया ने सवाल पूछ दिया.. तब क्या ..??

-आशीष शर्मा, सम्पादक RIG24

ख़बर शेयर करें:

Related News

SECR महाप्रबंधक को मजदूर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन: रेलकर्मियों की समस्याओं के निराकरण का मिला आश्वासन

चांपा-रायगढ़ रेलखंड के वार्षिक सुरक्षा निरीक्षण के दौरान SECRMC ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया।
अक्टूबर 2, 2026

नियमों को ताक पर रखकर फ्लाई ऐश की डंपिंग: महानदी और ग्रामीण जीवन पर गंभीर संकट! समझिए 4 प्वाइंट्स में पूरा खेल

बाढ़ में घुली अडानी पावर की राख, लहलहाती फसलों पर बिछा जहर; NGT से हस्तक्षेप की गुहार लगाने की तैयारी में सारंगढ़ के किसान।
अक्टूबर 2, 2026

पर्यावरण मंत्री के घर से 10 किमी दूर ‘डेथ ज़ोन’ बना NH-49: सड़क वेदांता की ‘मौत वाली धुंध’, अंधा सिस्टम और भारी ट्रेलरों का खौफ

चालू वाशरी के डंपिंग यार्ड ने छीनी कुनकुनी की सांसें। सड़क पर फैला कीचड़ सूखकर बन रहा ज़हरीला बवंडर, दिन के उजाले में भी गायब होती विजिबिलिटी और रात के अंधेरे में रोज़ दांव पर लग रही राहगीरों की जान।
अक्टूबर 1, 2026

फर्जी मालिक बनकर हड़पी पण्डो जनजाति की जमीन: पटवारी, गवाह के बाद अब सुखन राठिया भी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाकर कराई थी रजिस्ट्री

फर्जी पहचान पत्र बनाकर विशेष संरक्षित जनजाति की जमीन गैर-आदिवासी को बेचने के मामले में 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत कापू पुलिस ने की कार्रवाई।
अक्टूबर 1, 2026

आदिवासी जमीन का खेल: 2018 में जो नामांतरण हुआ था खारिज, 2023 में नए अफसर ने किया पास; कलेक्टर ने बैठाई जांच

2018 में नजूल कोर्ट से खारिज हुए आवेदन को 2023 में नए अधिकारी ने दी मंजूरी, बिना अनुमति खरीदी गई थी जमीन
अक्टूबर 1, 2026

17 साल की लड़की ने बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट: सब्बल से मारा, ब्लेड से गर्दन रेता! बोली; ‘मेरा रेप…’

महुआपारा में निर्माणाधीन मकान के चौकीदार की सब्बल और ब्लेड से की गई थी हत्या, आरोपी किशोरी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।
अक्टूबर 1, 2026

उपभोक्ताओं की शिकायतों से घबराया रायगढ़ बिजली विभाग: व्हाट्सएप ग्रुप ही कर दिया डिलीट

उद्योगों ने लगाया उपकरण जलने और लाखों के नुकसान का आरोप, बिजली विभाग बोला- व्यवस्था सुधारने के लिए डिवीजन स्तर पर बनाए नए ग्रुप
अक्टूबर 1, 2026

दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति बैठक: पुलिस और प्रशासन की हिदायत- गरबा और डांडिया आयोजनों में बनाए रखें मर्यादा!

प्रशासन ने आयोजकों को दिए निर्देश; विसर्जन नियमों, ध्वनि सीमा और गरबा कार्यक्रमों में मर्यादा बनाए रखने पर रहा जोर
सितम्बर 30, 2026