रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने, शव को आंगन में जलाने और हड्डियों को जमीन में दफनाने का खौफनाक मामला सामने आया है। वारदात के बाद आरोपी पति ने पुलिस को चकमा देने के लिए पत्नी की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की वैज्ञानिक जांच और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले की शुरुआत 28 अप्रैल को हुई, जब ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार (39 वर्ष) ने कापू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी चमेली सिदार (26 वर्ष) 16 अप्रैल की रात बिना बताए कहीं चली गई है। तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पति के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आया, जिससे पुलिस का शक उस पर गहराता गया।
मृतिका के पिता बालसाय सिदार (निवासी मक्कापुर, जशपुर) ने पुलिस को बताया कि चमेली ने चार साल पहले देवानंद से प्रेम विवाह किया था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद देवानंद ससुराल भी पहुंचा और पत्नी के बारे में पूछताछ का नाटक किया। बाद में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान परिजनों को सूचना मिली कि चमेली की हत्या कर शव जला दिया गया है।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी देवानंद सिदार ने सच उगल दिया। उसने बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने की मामूली बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। गुस्से में आकर उसने चमेली का गला मरोड़कर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसने शव को घर के आंगन में ही जला दिया और बची हुई हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया।
एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में पुलिस ने एफएसएल टीम की मौजूदगी में जमीन से हड्डियों के जले हुए अवशेष बरामद किए। इन अवशेषों को डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया।
अपराध दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था। थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव के बाहर तीन दिनों तक डेरा डालकर मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।








