रायगढ़. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने एग्रीस्टैक के ‘अनक्लेम्ड बकेट’ प्रकरणों के निराकरण में बरती जा रही धीमी गति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को 15 सितंबर तक शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मैदानी स्तर पर जाकर किसानों से संपर्क करें और लंबित प्रकरणों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से अपनी भूमि की ‘फॉर्मर रजिस्ट्री’ कराने की अपील की, जिसके लिए वे सीएससी सेंटर, समिति प्रबंधक या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तहसीलदारों और अनुविभागीय अधिकारियों को गिरदावरी, नक्शा मिलान और अनुमोदन कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वेयर खेतों में जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से फसलों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें और तालाब, मेड़ व पड़ती भूमि का सही चिन्हांकन करें।
स्वामित्व योजना के तहत कलेक्टर ने पट्टा वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिले में चल रहे निर्माण कार्यों, विशेषकर सामुदायिक शौचालयों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। बैठक में डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।








