रायगढ़। जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर एक नाबालिग लड़की से दोस्ती कर उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो चैट ग्रुप में साझा करने के आरोप में साइबर पुलिस ने एक 17 वर्षीय किशोर (बाल अपचारी) को पकड़ा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोर को बाल संप्रेक्षण गृह (सुधार गृह) भेज दिया गया है।
पिता की शिकायत पर शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, चक्रधरनगर क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने 19 मई 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर उनकी नाबालिग बेटी के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो अपलोड कर प्रसारित किए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी (साइबर) श्रीमती उन्नति ठाकुर के निर्देशन में अज्ञात इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ बीएनएस की धारा 79, आईटी एक्ट 67-बी और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों से हुई पहचान
मामला दर्ज होने के बाद साइबर सेल की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संबंधित इंस्टाग्राम आईडी को ट्रेस किया। जांच में आईडी संचालित करने वाले की पहचान 17 साल 4 महीने के एक किशोर के रूप में हुई।
पूछताछ में किया स्वीकार, मोबाइल जब्त
पुलिस टीम ने 19 जून को किशोर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किशोर ने स्वीकार किया कि उसने इंस्टाग्राम पर नाबालिग और उसके दोस्तों से जान-पहचान बढ़ाई थी और फिर लड़की के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो अलग-अलग चैट ग्रुप में शेयर किए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। वैधानिक कार्रवाई पूरी कर किशोर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह की अहम भूमिका रही।
अभिभावकों के लिए अलर्ट
इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। बच्चों को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने और अनजान लोगों से निजी फोटो या जानकारी साझा करने से बचने की समझाइश जरूर दें।



