रायगढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के सभी 112 धान उपार्जन केंद्रों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय और केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
प्रशासन ने नियुक्त अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने, पूरी व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध आवक और बिचौलियों पर रहेगी विशेष नजर
धान खरीदी के दौरान कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से होने वाली अवैध धान की आवक, अवैध भंडारण और परिवहन को रोकने पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि समर्थन मूल्य पर केवल वास्तविक किसानों से ही उनकी वास्तविक उपज के अनुसार धान की खरीदी की जाए।
प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए केंद्रों का नियमित तौर पर निरीक्षण और समीक्षा की जाएगी।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों की तय हुई जिम्मेदारी
प्रशासनिक योजना के अनुसार जिला स्तरीय नोडल अधिकारी केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे, जबकि केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी दैनिक खरीदी व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस कार्य के लिए विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित गुणवत्ता का धान खरीदने और उपार्जन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।









