रायगढ़। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुसौर पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ओडिशा से बाइक पर गांजा लेकर आ रहे एक सप्लायर को रंगे हाथों पकड़ा और उसकी निशानदेही पर गांजा मंगाने वाले स्थानीय खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.893 किलोग्राम गांजा, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत करीब 2.40 लाख रुपये आंकी गई है।
ग्राम बड़े भंडार के पास नाकेबंदी कर पकड़ा गया सप्लायर
पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को 25 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति काले बैग में गांजा लेकर होंडा शाइन मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 11 BR 3641) से ओडिशा की तरफ से चंद्रपुर होते हुए रायगढ़ आ रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने ग्राम बड़े भंडार में प्रियंका किराना स्टोर के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की।
हुलिए के आधार पर रोके गए संदिग्ध ने पूछताछ में अपना नाम लब सा (30 वर्ष) बताया। वह मूल रूप से झारसुगुड़ा (ओडिशा) का निवासी है और वर्तमान में सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित चक्रधर कॉलोनी में रह रहा था। तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद बैग से तीन पैकेट में कुल 2.893 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1.40 लाख रुपये है। पुलिस ने गांजा और 50 हजार रुपये की मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपी के खिलाफ पुसौर थाने में धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया।
कियोस्क सेंटर से भेजे थे 14,850 रुपये, खरीदार भी गिरफ्तार
पूछताछ और मेमोरेंडम बयान के दौरान आरोपी लब सा ने खुलासा किया कि यह खेप रायगढ़ के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरमुड़ा निवासी राजू दास महंत (39 वर्ष) ने मंगाई थी। राजू दास महंत ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर तीन किलो गांजे का सौदा किया था और इसके एवज में कियोस्क बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए 14,850 रुपये ट्रांसफर किए थे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजू दास महंत को भी हिरासत में ले लिया। उसके कब्जे से वीवो कंपनी के दो स्मार्टफोन जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 25 अक्टूबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।









