रायगढ़ (क्राइम डेस्क)। आजकल के बच्चों की दुनिया मोबाइल की स्क्रीन में सिमट गई है और गुस्सा नाक पर रहता है। थोड़ी सी डांट पड़ी तो घर छोड़ दिया, और सोशल मीडिया पर किसी अजनबी ने मीठी बातें कीं, तो उसके साथ जिंदगी बसाने निकल पड़े! रायगढ़ पुलिस के ‘अभियान संवेदना’ के तहत सामने आए दो मामलों ने पुलिस के साथ-साथ परिजनों के भी कान खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने एक 17 साल की लड़की को मुंबई की भीड़ से सकुशल खोज निकाला है, तो वहीं 2022 से लापता एक नाबालिग को राजस्थान के एक दरिंदे के चंगुल से आजाद कराया है। आइए जानते हैं दोनों मामलों की इनसाइड स्टोरी:
सीन 1: इंस्टाग्राम की ‘वर्चुअल’ दोस्ती और प्यार का ‘नरक’
पहला मामला कोतरारोड़ इलाके का है। नवंबर 2022 में यहां से एक नाबालिग अचानक गायब हो गई थी। पुलिस ने जब उसके सोशल मीडिया खंगाले, तो पता चला कि उसकी इंस्टाग्राम पर राजस्थान के रहने वाले 29 साल के श्योजी राम से दोस्ती हुई थी।
शातिर श्योजी ने इस नाबालिग को शादी का ऐसा सुनहरा ख्वाब दिखाया कि उसे रायगढ़ से जयपुर तक की ट्रेन की टिकट खुद बुक करके भेजी! नाबालिग जैसे-तैसे उसके पास राजस्थान के चितावा (डिडवाना) पहुंच गई। आरोपी जानता था कि लड़की नाबालिग है, फिर भी उसने शादी का नाटक किया और कई सालों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।

लगातार 4 साल तक साइबर ट्रैकिंग करने के बाद, कोतरारोड़ पुलिस की टीम ने 5 जून को राजस्थान में दबिश दी और इस ‘इंस्टा वाले रोमियो’ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी श्योजी राम को पॉक्सो एक्ट (POCSO) और रेप की धाराओं के तहत सीधे जेल (रिमांड) भेज दिया गया है और बच्ची को सुरक्षित रायगढ़ लाया गया है।
सीन 2: रात 2 बजे घर से निकली… और पहुंच गई मायानगरी ‘मुंबई’
दूसरा मामला धरमजयगढ़ का है। 24 मई की रात करीब 2 बजे एक 17 साल की लड़की चुपचाप घर से निकल गई। कारण? सिर्फ इतना कि घरवालों ने उसे पढ़ाई के लिए डांट दिया था!

गुस्से में घर से निकली यह लड़की ट्रेन में बैठी, जहां उसकी मुलाकात कोलकाता से आ रही एक ट्रांसजेंडर से हुई। वह अनजान लड़की उसी के साथ मुंबई (दादर) पहुंच गई। रायगढ़ पुलिस की धरमजयगढ़ टीम (एएसआई मंजू मिश्रा) ने सूचना मिलते ही तुरंत मुंबई की ओर दौड़ लगाई। गनीमत रही कि पुलिस ने वक्त रहते दादर की भीड़भाड़ से उस लड़की को सकुशल ढूंढ निकाला। पुलिस ने काउंसलिंग कर बच्ची को समझाया कि घर की डांट बाहर की दुनिया के खतरों से कहीं बेहतर है, और उसे उसके परिवार को सौंप दिया।



