रायगढ़। कोतरारोड़ थाने से जेल भेजे गए बंदी संजय बघेल की मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां बीते दिन रायगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर थाने में मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा था, वहीं अब इस मामले की जमीनी पड़ताल के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल रायगढ़ पहुंच गया है।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कांग्रेस के जांच दल ने सबसे पहले मृतक संजय बघेल के गृह ग्राम नवापारा का दौरा किया। वहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और सांत्वना दी। परिवार से बातचीत के बाद जांच दल सीधे रायगढ़ जिला जेल पहुंचा, जहां उन्होंने जेल प्रशासन से पूछताछ करने की कोशिश की।

समिति अध्यक्ष चातुरी नंद के आरोप
जिला जेल के बाहर मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस जांच कमेटी की अध्यक्ष और सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शव को देखा गया, तो मृतक की कमर, पीठ और कोहनी पर बेल्ट या पट्टे से पीटे जाने के स्पष्ट निशान मौजूद थे और मुंह से खून आ रहा था।

जांच दल ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद सच्चाई को छिपाने के लिए मृतक के साथ मौजूद एक अन्य बंदी का वार्ड रातों-रात बदल दिया गया। इसके अलावा, समिति ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने घटना के वक्त का सीसीटीवी फुटेज देखना चाहा, तो जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देकर फुटेज दिखाने से इनकार कर दिया।
एसपी से की मुलाकात, रखी ये मांगें
जेल का दौरा करने और वहां की स्थिति का जायजा लेने के बाद, जांच कमेटी सीधे रायगढ़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलने पहुंची। एसपी से मुलाकात के दौरान जांच दल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अपनी प्रमुख शर्तें रखीं:
- पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- मृतक की दो बच्चियों (जिनमें से एक के दिल में छेद है) के इलाज और शिक्षा का पूरा खर्च उठाया जाए।
- दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।

संजय बघेल की मौत के मामले में अब दो अलग-अलग पहलू सामने आ चुके हैं। पुलिस जहां अपने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कस्टडी में मारपीट न होने की बात कह रही है, वहीं कांग्रेस जांच दल और परिजन शरीर पर चोट के निशानों को लेकर जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। फिलहाल मामले की मजिस्ट्रियल जांच जारी है और आने वाली मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही मौत के सही कारणों को स्पष्ट कर सकेगी।



