सूरजपुर। जिले में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल बरेठ की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शिक्षिका को बैंक से मिलने वाले करीब 19 लाख रुपये के लोन की रकम हड़पने की नीयत से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी प्रवेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का खुलासा तब शुरू हुआ जब जयनगर इलाके में कोरयाबारी नर्सरी के पास नाली से एक अज्ञात युवक का शव मिला, जिसकी पहचान बाद में सुजल बरेठ के रूप में हुई। इसी दौरान सुजल के मामा ने विश्रामपुर थाने में सूचना दी कि केशवनगर में किराए पर रहने वाली उनकी बहन रजनी और भांजा सुजल लापता हैं और रजनी का फोन 9 अक्टूबर से बंद है। पुलिस ने जब केशवनगर स्थित मकान का ताला तोड़ा, तो रजनी का शव बाथरूम में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां और बेटे दोनों की गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
कर्ज चुकाने के लिए रची थी रकम हड़पने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी और मृतिका रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं, जिसकी वजह से प्रवेश का उनके घर आना-जाना था। प्रवेश ने अपने मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए करीब 20 लाख रुपये का लोन ले रखा था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। उसे पता था कि रजनी को बैंक से लगभग 19 लाख रुपये का लोन मिलने वाला है। इसी रकम को हासिल करने के लिए उसने वारदात की रूपरेखा तैयार की।
बीते 9 अक्टूबर को आरोपी ने अपनी कार विश्रामपुर के एक वॉशिंग सेंटर पर धोने के लिए छोड़ी और पैदल रजनी के घर पहुंचा। शाम को जब सुजल ट्यूशन गया हुआ था, तब आरोपी ने रजनी से रुपयों की मांग की। उनके विरोध करने पर आरोपी ने स्टील की पानी की बोतल और शैम्पू की बोतल से सिर पर हमला किया और फिर पैर से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। शव को बाथरूम में छिपा दिया गया।
गवाह मिटाने के लिए बेटे को भी उतारा मौत के घाट
आरोपी को अंदेशा था कि सुजल घर पर उसकी मौजूदगी के बारे में जानता है और पूछताछ में पुलिस को बता देगा। इसलिए उसने बेटे को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई। रात को जब सुजल घर लौटा, तो आरोपी उसे अपनी कार में बैठाकर अंबिकापुर की ओर ले गया। रास्ते में उसने सुजल को मैगी भी खिलाई ताकि उस पर कोई शक न हो।
इसके बाद राई जंगल के पास कार रोककर आरोपी ने सुजल के गले में स्टोल कसा और सीमेंट के खंभे के टुकड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने शव को कालीघाट के पास फेंक दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए आरोपी ने सुजल का मोबाइल अपने घर की रसोई में और रजनी का फोन, गहने, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा एटीएम अपनी ससुराल में छिपा दिए। कार में लगे खून के निशानों को मिटाने के लिए उसने मैट को भी जला दिया था।
सीसीटीवी और कार नंबर के सुराग से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि जांच के दौरान इलाके के 60 से 70 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने मृतिका के घर के पास और बाद में कार वॉशिंग सेंटर पर दिखाई दिया। इसके बाद कार के नंबर (CG 15 EG 7101) के आधार पर पुलिस सीधे प्रवेश कुमार तक पहुंची।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर और ससुराल से चुराया गया सामान और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









