रायगढ़। बैंक से पैसे निकालकर निकलने वालों की रेकी कर उनकी डिक्की से लाखों रुपये उड़ाने वाले एक शातिर ‘नट गिरोह’ का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। तमनार में हुई 2 लाख रुपये की उठाईगिरी के मामले में पुलिस टीम ने जशपुर जिले में लगातार 7 दिनों तक डेरा डाले रखा और आखिरकार खेत में घेराबंदी कर एक शातिर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी ने चोरी के पैसों से नई चमचमाती स्पोर्ट्स बाइक खरीद ली थी।

20 मिनट में उड़ा दिए थे 2 लाख रुपये
दरअसल, यह पूरा मामला 8 जून 2026 का है। ग्राम गौरबहरी के रहने वाले 60 वर्षीय लोकेश्वर पटेल तमनार के अपेक्स बैंक से 2 लाख रुपये निकालकर अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में रखे थे। रास्ते में वे किसी काम से तहसील कार्यालय के बाहर बाइक खड़ी कर अंदर गए। महज 20 मिनट बाद जब वे लौटे, तो डिक्की का लॉक टूटा हुआ था और अंदर रखे 2 लाख रुपये गायब थे। पीड़ित की रिपोर्ट पर तमनार पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सीसीटीवी से खुला राज, ‘नट गिरोह’ की हुई पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए तमनार पुलिस ने अपेक्स बैंक और आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना पर पता चला कि यह वारदात जशपुर के कुख्यात ‘नट गिरोह’ का काम है।
फुटेज के आधार पर एक संदेही की पहचान ग्राम गाला निवासी विशाल उर्फ हरि नट के रूप में हुई। जांच में पता चला कि विशाल तो चोरी के किसी अन्य मामले में बैकुंठपुर जेल में बंद है, लेकिन उसका खास साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा जशपुर इलाके में छिपा हुआ है।
जशपुर में 7 दिन का सीक्रेट कैंप और खेत में घेराबंदी
शातिर आरोपी को पकड़ने के लिए तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में लगातार 7 दिनों तक खुफिया कैंप किया। टीम गांव-गांव घूमकर आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी बीच ग्राम झक्कड़पुर में पुलिस को धर्मेन्द्र नट के छिपे होने की पक्की खबर मिली। पुलिस ने गांव के समीप एक खेत में घेराबंदी कर धर्मेन्द्र (40 वर्ष) को धर दबोचा, हालांकि उसके अन्य साथी जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।
चोरी के पैसों से खरीदी थी ‘नई अपाचे’
पूछताछ में आरोपी धर्मेन्द्र नट ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि 8 जून को उसने अपने साथी के साथ मिलकर बैंक के बाहर रेकी की थी और लोकेश्वर पटेल की डिक्की तोड़कर 2 लाख रुपये पार किए थे।
बंटवारे में धर्मेन्द्र के हिस्से में 1 लाख रुपये आए थे। इन पैसों से आरोपी ने तुरंत अपने शौक पूरे करने के लिए एक नई ‘टीवीएस अपाचे’ मोटरसाइकिल खरीद ली थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई पुरानी अपाचे, चोरी की रकम से खरीदी गई नई अपाचे और डिक्की तोड़ने वाले लोहे के औजार बरामद कर लिए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, दिलदार कुरैशी, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरूषोत्तम सिदार और जॉन प्रकाश टोप्पो की अहम भूमिका रही।



