रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। शून्यकाल के दौरान सत्ताधारी दल (BJP) के दुर्ग भिलाई वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा और उनकी ‘हत्या की साजिश’ का मुद्दा सदन में जोर-शोर से गूंजा। इस पूरे बवाल की जड़ एक पूर्व पार्षद का वह वायरल वीडियो है, जिसमें विधायक को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की प्लानिंग का दावा किया गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) के लापरवाह ठेकेदारों और कांकेर में अधूरे पुल-पुलियों के निर्माण को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
खबर के मुख्य बिंदु
- विधानसभा में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उमेश पटेल ने उठाया BJP विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा का मुद्दा
- बवाल की असली वजह है पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव का वायरल वीडियो, जिसमें रची गई थी हत्या की साजिश
- वीडियो में दावा, विधायक को बलात्कार, महादेव सट्टा ऐप और अन्य मामलों में फंसाने की रची गई थी योजना
- रिकेश सेन के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ने वाले पूर्व पार्षद जयप्रकाश ने वीडियो में खुद कबूली है गलती
- महिला दिवस के मंच पर रिकेश सेन ने इसी वीडियो का जिक्र कर जाहिर किया था अपनी जान का खतरा
- सरकार की ओर से संतोषजनक और औपचारिक वक्तव्य न आने पर विपक्षी दल कांग्रेस ने किया सदन से वॉकआउट
- PWD के अधूरे काम छोड़ने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिया कार्रवाई का भरोसा
पूर्व पार्षद के वीडियो ने खोला साजिश का खौफनाक राज
विधानसभा में गूंजे इस मुद्दे की स्क्रिप्ट कुछ दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। हाल ही में एक पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव का एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया था। जयप्रकाश वही नेता हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव में रिकेश सेन के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ा था और पार्टी से निष्कासित हुए थे। विस्तार न्यूज़ और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जयप्रकाश ने अपने इस वीडियो में खुद यह कबूल किया है कि पिछले 2 सालों से विधायक रिकेश सेन की हत्या और उन्हें बर्बाद करने की साजिश रची जा रही थी। इस खौफनाक प्लानिंग में विधायक को बलात्कार, महादेव ऑनलाइन सट्टा और अन्य आपराधिक मामलों में झूठा फंसाने की साजिश शामिल थी।
मंच से विधायक का दर्द, ‘मेरा पूरा परिवार दहशत में है’
पूर्व पार्षद के इस खुलासे वाले वीडियो के सामने आने के बाद, विधायक रिकेश सेन ने 8 मार्च (महिला दिवस) के एक बड़े कार्यक्रम के मंच से सार्वजनिक रूप से अपना दर्द बयां किया था। उन्होंने मंच से बताया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर कैसे उनकी छवि खराब करने और जान लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के कारण उनका पूरा परिवार दहशत में है। हालांकि, मंच से ही उन्होंने यह भी कह दिया कि वे अपनी हत्या की प्लानिंग रचने वाले सभी साजिशकर्ताओं को माफ करते हैं।

विधानसभा में कांग्रेस का सरकार पर प्रहार
बुधवार को शून्यकाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और विधायक उमेश पटेल ने इसी ‘वीडियो और साजिश’ को हथियार बनाकर सरकार को घेर लिया। विपक्ष ने सवाल दागा कि जब सत्ताधारी दल का एक विधायक ही ‘मर्डर की साजिश’ के कारण दहशत में है, तो आम जनता कैसे सुरक्षित होगी? संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि विधायक रिकेश सेन से बातचीत हुई है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। लेकिन विपक्ष विभागीय मंत्री से स्पष्ट और औपचारिक वक्तव्य देने की मांग पर अड़ा रहा। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

ठेकेदारों पर नकेल और कांकेर की जर्जर सड़कें
सुरक्षा के मुद्दे के अलावा, लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर भी तीखी चर्चा हुई। सदन में चिंता जताई गई कि कई ठेकेदार SOR दर से कम कीमत पर टेंडर हासिल कर लेते हैं, लेकिन बाद में निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देते हैं। आसंदी ने सुझाव दिया कि ऐसे ठेकेदारों को राज्य में ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए, जिस पर लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। वहीं, विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर जिले में 2010 से अधूरे पड़े सड़क प्रोजेक्ट्स और 60 साल पुराने पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।



