शिक्षा के मंदिर दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से प्रशासनिक पद के दुरुपयोग का शर्मनाक मामला सामने आया है। मोहन नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव (Registrar) भूपेंद्र कुमार कुलदीप (51 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कुलसचिव पर अपने अधीन कार्यरत अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी का वेतन हड़पने का गंभीर आरोप है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह कुलसचिव के शासकीय निवास पर खाना बनाने का काम भी करती थीं। शासकीय नियमानुसार पीड़िता के बैंक खाते में हर महीने 11,515 रुपये का वेतन जमा होता था। लेकिन आरोपी कुलसचिव पद के रसूख के दम पर उसे डरा-धमकाकर वेतन का बड़ा हिस्सा ऐंठ लेता था।

आरोपी कुलसचिव पीड़िता को महज 2,200 रुपये देता था। बाकी के लगभग 9,315 रुपये PhonePe और Paytm के माध्यम से अपने परिचित ‘उदय कुलदीप’ के खाते में ट्रांसफर करवा लेता था। यह शोषण 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 तक यानी पूरे 17 महीने लगातार चलता रहा। इस दौरान आरोपी ने महिला के वेतन से कुल 1,49,384 रुपये जबरन ऐंठ लिए।

लगातार शोषण से परेशान पीड़िता ने विश्वविद्यालय के कुलपति से लिखित शिकायत की। विवि प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया। जांच समिति ने पीड़िता और आरोपी के बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच की। जांच में अमानत में खयानत की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को प्रतिवेदन भेजा।
विश्वविद्यालय की रिपोर्ट पर मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी कुलसचिव के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज किया। थाना प्रभारी निरीक्षक केशव राम कोशले और पुलिस टीम ने डिजिटल साक्ष्य जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में जुर्म की पुष्टि होने पर आरोपी कुलसचिव को विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।









