रायगढ़। 41वें चक्रधर समारोह की सातवीं संध्या इंडियन आइडल सीजन-1 के उपविजेता और गायक अमित साना के सुरों से सजी रही। अपनी भावपूर्ण गायकी और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति से उन्होंने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, पूरा समारोह स्थल संगीतप्रेमियों की तालियों की गूंज से जीवंत हो उठा।
अमित साना ने मंच पर आते ही अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ‘ओम शांति ओम’ और ‘अनजाने राहें हैं, अनजान मंजिल’ जैसे गीतों से की। इसके बाद उन्होंने ‘दिल क्या करे किसी को प्यार हो जाए’, ‘चांदी जैसा रंग है तेरा’ और ‘तू पास है ऐसे, मेरे पास कोई एहसास हो जैसे’ जैसे कई सदाबहार गीतों को अपनी आवाज दी। उनके गीतों पर युवा दर्शक झूमते और साथ में सुर मिलाते नजर आए।

सदाबहार नगमों और मंचीय ऊर्जा से जीता दिल
समारोह के दौरान अमित साना की गायकी में सुरों के साथ-साथ मंचीय ऊर्जा का बेहतर तालमेल देखने को मिला। उनके गाए गीतों ने बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी वर्ग के दर्शकों को आकर्षित किया। श्रोताओं की ओर से लगातार गीतों की फरमाइश होती रही और पूरा पंडाल तालियों की आवाज से गूंजता रहा।
तीन वर्ष की उम्र से शुरू हुआ था गायकी का सफर
अमित साना ने महज तीन वर्ष की आयु से ही गायन शुरू कर दिया था और आठ वर्ष की उम्र में उन्होंने शास्त्रीय संगीत का विधिवत प्रशिक्षण लेना शुरू किया। भिलाई में प्रारंभिक संगीत सीखने के बाद उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के तत्कालीन कुलपति बिमलेंदु मुखर्जी से पेशेवर शास्त्रीय संगीत की तालीम हासिल की।
वर्ष 2004-05 में इंडियन आइडल के पहले सीजन में उपविजेता बनने के बाद अमित साना को देशभर में व्यापक पहचान मिली। चक्रधर समारोह के ऐतिहासिक मंच पर उनके प्रदर्शन ने इस शाम को दर्शकों के लिए यादगार बना दिया।









