सारंगढ़-बिलाईगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से पीएम स्कूल सारंगढ़ में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और जनप्रतिनिधियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कलेक्टर ने शिक्षा से वंचित रहे बच्चों और उनके अभिभावकों से आत्मीय संवाद किया और विद्यार्थियों को पुस्तकें व पेन वितरित किए।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बच्चों से उनकी पारिवारिक परिस्थितियों, पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन जारी रखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर आर्थिक तंगहाली के चलते स्कूल छोड़ने और फिर वापस लौटने वाले बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए।
मजदूरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई से जुड़े विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान धानी जांगड़े ने बताया कि परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें कक्षा 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी और रोजी-रोटी के लिए वे जम्मू-कश्मीर चले गए थे। वहां से वापस लौटने के बाद उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की और अब कक्षा 9वीं में दाखिला लेकर अपनी शिक्षा जारी रखे हुए हैं।
इसी तरह बड़े खैरा निवासी ध्रुव कुमार यादव ने बताया कि तंगहाली के कारण उन्हें स्कूल छोड़कर हरियाणा के ईंट-भट्ठे में काम करने जाना पड़ा था। अब वे वापस लौटकर दोबारा शिक्षा से जुड़े हैं और इस वर्ष कक्षा 10वीं में अध्ययनरत हैं।
वहीं प्रियंका निषाद ने कक्षा 9वीं तक नियमित पढ़ने के बाद ओपन स्कूल के जरिए कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की और अब कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रही हैं। जब कलेक्टर ने उनसे भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, तो उन्होंने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

शिक्षा से जोड़ने में जुटे आठ शिक्षक हुए सम्मानित
कार्यक्रम में ड्रॉपआउट बच्चों को खोजकर वापस स्कूल लाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के कुल आठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षक भरतलाल सहित अन्य शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति देकर प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल, सारंगढ़ एसडीएम उमेश कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी और डीएमसी नरेश चौहान सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे।









