रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत जिले में कुल 6,679 हितग्राही पंजीकृत हैं। इस योजना के जरिए पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मातृत्व के दौरान परिवारों को जरूरी संबल मिल रहा है।
योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि सीधे पात्र हितग्राही के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। इसका उद्देश्य प्रसव के बाद मां के लिए पौष्टिक आहार, दवाइयों और नवजात शिशु के पोषण तथा प्राथमिक आवश्यकताओं पर होने वाले खर्च में मदद करना है।

शिशु और मां की देखभाल के लिए आर्थिक संबल
गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां तथा नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इस अवधि में दवाइयों, उपचार और आवश्यक सामग्रियों के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। मिनीमाता महतारी जतन योजना का मुख्य उद्देश्य इसी वित्तीय चिंता को कम करना और जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना है।
योजना के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए महिला का छत्तीसगढ़ की मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, महिला का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना आवश्यक है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, यह आर्थिक लाभ केवल प्रथम दो बच्चों के प्रसव तक ही प्रदान किया जाता है।
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन जमा करना होता है। इसके लिए श्रमिक पंजीयन कार्ड (लेबर कार्ड), आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड और स्व-घोषणा प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।
ऑनलाइन आवेदन और हेल्पलाइन की सुविधा
पात्र हितग्राही छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के श्रमेव जयते पोर्टल या मायस्कीम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना की विस्तृत पात्रता, आवेदन की स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी के लिए श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है अथवा सीएम हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क किया जा सकता है।








