रायगढ़। राज्य शासन ने जिले के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 7 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मंजूरी दी है। इन नवीन केंद्रों के शुरू होने के बाद जिले में कुल धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 105 से बढ़कर 112 हो जाएगी। इस फैसले से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों किसानों को अपने गांव के नजदीक ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनके समय और परिवहन पर होने वाले खर्च की बचत होगी।
तीन विकासखंडों के इन गांवों में स्थापित होंगे नए केंद्र
स्वीकृत किए गए नए धान उपार्जन केंद्र जिले के तीन विकासखंडों में खोले जाएंगे। इनमें धरमजयगढ़ विकासखंड का मुनुंद और तमनार विकासखंड का खुरूषलेंगा गांव शामिल है। इसके अलावा पुसौर विकासखंड में सबसे अधिक चार केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें झलमला, लोहरसिंग, नंदेली ओडेकेरा और नावापारा-अ शामिल हैं। पिछले वर्ष जिले में 79 सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 105 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे थे।
बायोमेट्रिक डिवाइस और तौल यंत्र समेत जुटाई जाएंगी जरूरी सुविधाएं
शासन के निर्देश के अनुसार सभी नए उपार्जन केंद्रों में सुचारू धान खरीदी के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन केंद्रों पर कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर, किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट डिवाइस, नमी मापक यंत्र और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही इंटरनेट, बिजली, पेयजल, पर्याप्त भंडारण क्षमता और आवागमन के लिए सुगम पहुंच मार्ग भी तैयार किए जाएंगे।
कलेक्टर ने सभी नवीन उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपार्जन सत्र के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।









