रायगढ़। जिले में समर्थन मूल्य पर आगामी धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ ही किसानों के पंजीयन, ऑनलाइन टोकन और उपज विक्रय की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत अपनी उपज बेचने के लिए किसान भी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में जुटे हैं।
धान विक्रय की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए किसानों का पंजीयन अनिवार्य कदम है। इसके तहत एग्रीस्टैक में पंजीयन समेत अन्य जरूरी औपचारिकताएं समय रहते पूरी कराई जा रही हैं, ताकि उपार्जन शुरू होने पर किसानों को किसी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से समय की बचत और कतारों से मुक्ति
प्रशासन की इस पहल और सुविधाओं को लेकर किसानों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रायगढ़ विकासखंड के ग्राम जुर्डा निवासी किसान भगतराम पटेल ने बताया कि वह लगभग 40 एकड़ में खेती कर रहे हैं और आगामी धान विक्रय को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में प्रशासन से जरूरी सहयोग मिल रहा है।
किसान भगतराम पटेल के अनुसार, शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से धान उपार्जन की प्रक्रिया पहले से काफी सरल हुई है। घर बैठे टोकन मिलने से किसानों को उपार्जन केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने से मुक्ति मिलती है। इससे समय की बचत होती है और किसान अपनी निर्धारित तारीख के अनुसार उपज लाने की पूर्व तैयारी कर पाते हैं।
समय पर औपचारिकताएं पूरी करने की अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश भर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की रूपरेखा तैयार की गई है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के सभी खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे आगामी खरीदी शुरू होने से पहले ही अपने पंजीयन और संबंधित दस्तावेज दुरुस्त कर लें, जिससे खरीदी के समय किसी तरह का व्यवधान न हो।









