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फरियाद लेकर रायगढ़ SP ऑफिस पहुंचे परिजन बोले: “उनकी बेटी ने जहर नहीं खाया है बल्कि बड़ी क्रूरता से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है!”

रायगढ़। खरसिया के जोबी चौकी क्षेत्र के ग्राम काफरमार में १० दिन पहले हुए एक छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर पीडि़त परिवार लिखित आवेदन के साथ SP आफिस रायगढ़ आया और बालिका छात्रावास में अध्ययनरत छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पूरी जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

परिजनों की आशंका है कि उनकी बेटी ने जहर नहीं खाया है बल्कि बड़ी क्रूरता से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है। पीड़िता की लाश अर्धनग्न अवस्था में खरसिया के जोबी चौकी क्षेत्र के ग्राम काफरमार में मिला था. उसके शरीर पर चोट के निशान थे.

घटना के विषय पर पीडि़त परिजनों ने बताया कि आठ जनवरी को इस संबंध में गांव के कोटवार के द्वारा छाल थाना क्षेत्र के चितापाली में छात्रा के परिजनों को फोन के माध्यम से सूचना दिया गया था, कि तुम्हारी बेटी ने जहर खा कर जान दी है। आप लोग काफरमार गांव आ जाओ।

उन्हें घटना के विषय मे पता करने पर मालुम चला था कि सात जनवरी को दोपहर २:३० बजे उनकी बेटी एक लड़के संजय राठिया के साथ बालिका-छात्रावास हाटी से निकली थी। जिसका अर्धनग्न शव संदिग्ध परिस्थितियों में खरसिया के जोबी चौकी क्षेत्र के ग्राम काफरमार में युवक के घर पर मिला था।

लापता की नहीं दी खबर

मौत की खबर मिलने पर परिजन सबसे पहले हाटी बालिका छात्रावास गए. जहां उन्होंने कहा कि अपनी बेटी से मिलना है.. इस पर छात्रावास अधीक्षिका ने बताया गया कि आपकी बेटी दो दिन से लापता है। छात्रा के परिजनों ने पूछा कि “अगर वो दो दिन से गायब है, तो एक बार हमे फोन के माध्यम से क्यू नही जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों द्वारा तत्काल छाल थाना जाकर घटना क्रम के विषय में बताया गया।”

अर्धनग्न और शरीर पर चोट के निशान

इसी बीच दुबारा फोन आने पर परिजन जोबी चौकी पहुंचे। सूचना देकर काफरमार गांव जाकर देखा तो उनकी बेटी उसी युवक संजय राठिया के घर में खटिया में अर्धनग्न मृत अवस्था में पड़ी थी। पास जाकर देखे तो उनके बेटी के शरीर में चोट के कई निशान, पैर में घसीटने के निशान के अलावा गले में रस्सी के कसने के निशान और मुंह से लार निकला था।

पुलिस कार्यवाही से असंतुष्ट

परिजनों द्वारा हत्या का शक होने पर जोबी प्रभारी से आपत्ति जताते हुए कहा गया कि “हमे तो कोटवार ने बोला था कि वो जहर खाई है.. पर यहां तो मामला ही कुछ अलग दिख रहा है? इसके बावजूद खरसिया तहसीलदार के उपस्थिति में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया।

परिजनों ने बताया कि नाबालिग बेटी का शव जिस संदिग्ध संजय राठिया के घर में मिला था, उसे पुलिस के द्वारा बोला गया कि लडक़े को हम अपने कब्जे में थाना में रखे है। पर जब थाना जाकर परिजनों ने देखा तो लडक़ा थाना में नही था. वह गांव में खुला घूम रहा था। फिर एफ आई आर के लिए परिजनों के बोलने पर, थाना प्रभारी के द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात बोली गई।

परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ बड़ी क्रूरता से दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। जिसके साथ वो हॉस्टल से गयी थी और उसी के घर से उनकी नाबालिग बिटिया का शव मिला; वो खुलेआम गांव में घूम रहा है..! परिजनों के द्वारा बताया गया कि शिकायत करने पर थाना प्रभारी कहते है कि “जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही आ जाती; तब तक हम कुछ नही कर सकते।

इस तरह जोबी और खरसिया पुलिस के रवैए से परिजन काफी निराश होने के बाद न्याय की आस लिए एस.पी. आफिस रायगढ़ आए और यहां लिखित आवेदन दिया है।

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