सूरजपुर। महुआपारा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में 65 वर्षीय चौकीदार सीताराम सिंह गोंड़ की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के अनुसार, दुष्कर्म के प्रयास का विरोध करते हुए 17 वर्षीय एक किशोरी ने चौकीदार के सिर पर सब्बल से वार किया और फिर ब्लेड से उसका गला काट दिया। पुलिस ने आरोपी किशोरी को हिरासत में लेकर बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।
निर्माणाधीन मकान में मिला था खून से लथपथ शव
ग्राम केतका निवासी सीताराम सिंह महुआपारा के निर्माणाधीन मकान में चौकीदारी करता था। सोमवार सुबह करीब नौ बजे जब मिस्त्री और मजदूर सेंट्रिंग खोलने पहुंचे, तब उन्होंने सीताराम का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और गले पर किसी धारदार वस्तु से वार किया गया था। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच के दौरान मजदूरों ने पुलिस को बताया कि सुबह जब वे मकान पर पहुंचे थे, तब उन्होंने वहां से एक युवती को भागते हुए देखा था। मजदूरों से मिले इस अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने संदेह के दायरे में आई 17 वर्षीय किशोरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
जिसे मानती थी ‘बाबा’ उसने ही..
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह मृतक सीताराम को “बाबा” कहकर बुलाती थी और उसके पास आती-जाती रहती थी। रविवार रात भी वह निर्माणाधीन मकान में उसके पास सोई थी। किशोरी के बयान के मुताबिक, रात में सीताराम ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।

किशोरी ने जब इसका विरोध किया तो उसने पास में रखे सब्बल से सीताराम के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद उसने ब्लेड से उसका गला काट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
बाल संप्रेक्षण गृह भेजी गई किशोरी, जांच जारी
नाबालिग होने के कारण पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर किशोरी को बाल न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े भौतिक साक्ष्यों और किशोरी के बयानों का मिलान किया जा रहा है। वारदात में प्रयुक्त सब्बल और ब्लेड सहित अन्य पहलुओं को लेकर मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।







