रायगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस में आरक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 11 लाख 30 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में फरार आरोपी अमन यादव को चक्रधरनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद आरोपी अदालत पहुंचा था, जहां सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी 25 वर्षीय अमन यादव चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के लामरदहा का निवासी है। इस मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपियों उत्तरा सिदार और संजू यादव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है।
फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेज दिखाकर की गई थी ठगी
पुलिस के अनुसार छोटे अतरमुड़ा निवासी 60 वर्षीय अलेन किड़ो ने 25 अक्टूबर 2025 को थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपियों ने उनके भतीजे राहुल किड़ो को पुलिस में आरक्षक पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर 11.30 लाख रुपये ठग लिए।
रिपोर्ट के मुताबिक किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर उत्तरा सिदार ने शुरुआत में 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 30 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद संजू यादव को 20 हजार रुपये सौंपे गए। आरोपियों ने दावा किया था कि यह राशि रायपुर निवासी विकास सिदार को दी जानी है, जो भर्ती कराने में मदद करेगा। इसके बाद पीड़ित पक्ष से विकास सिदार सहित अन्य खातों में अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र भी दिखाए थे।
ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए दिया था बैंक खाता
मामले में चक्रधरनगर थाने में अपराध क्रमांक 475/2025, धारा 420, 468, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उत्तरा सिदार और संजू यादव को 26 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि फरार आरोपियों के खिलाफ 3 फरवरी 2026 को धारा 173(8) सीआरपीसी के तहत चालान पेश किया गया था।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि अमन यादव ने उत्तरा सिदार और संजू यादव के कहने पर ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसके बदले उसे भी रकम दी गई थी। लगातार तलाश और दबिश के बीच अमन यादव जब अदालत में सरेंडर करने पहुंचा, तो चक्रधरनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गेंद लाल साहू और पुलिस टीम शामिल रही।








