रायगढ़। दुर्गोत्सव के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट स्थित सृजन सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न दुर्गोत्सव आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में गरबा और डांडिया आयोजनों की पूर्व सूचना प्रशासन को देना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से संबंधित स्थलों पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेंगी। इसके साथ ही दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी समितियों से निर्धारित व्यवस्था और नियमों के अनुरूप कार्य करने को कहा गया।
गरबा और डांडिया आयोजनों में मर्यादा बनाए रखने के निर्देश
एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने गरबा एवं डांडिया कार्यक्रमों की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आयोजकों को सख्त निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक अथवा अमर्यादित गीत न बजाए जाएं और शालीन वातावरण बना रहे। इसके अलावा प्रतिभागियों से भी गरिमापूर्ण वेशभूषा और व्यवहार बनाए रखने की अपेक्षा की गई।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों और अनुशासन पर पुलिस की हिदायत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने आयोजन स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए और कार्यक्रमों में धार्मिक एवं भक्ति भाव से जुड़े गीतों को ही प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में एसडीएम रायगढ़, तहसीलदार, शहर के थाना प्रभारी, यातायात पुलिस शाखा, नगर निगम के उपायुक्त समेत नगर सेना, विद्युत एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और दुर्गोत्सव आयोजन समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।









