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बिजली विभाग में ACB रेड: दो इंजीनियर और एक क्लर्क.. रंगे हाथ पकड़े गए तीनों

जांजगीर-चांपा/रायगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को ACB बिलासपुर की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के CSPDCL कार्यालय में एक बड़ा ‘ट्रैप’ बिछाकर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते तीन अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बिजली विभाग का एक सहायक अभियंता (AE), एक उप अभियंता (Sub-Engineer) और एक सहायक ग्रेड-1 का क्लर्क शामिल है।

​खबर के मुख्य बिंदु:

  • जांजगीर-चांपा के CSPDCL कार्यालय में ACB बिलासपुर टीम की बड़ी ट्रैप कार्रवाई
  • फ्लाई एश ब्रिक्स प्लांट में ट्रांसफार्मर लगाने के एवज में मांगी गई थी 35 हजार रुपये की घूस
  • सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला और क्लर्क देवेंद्र राठौर रंगे हाथ गिरफ्तार
  • शिकायतकर्ता प्रदीप यादव से उप अभियंता ने 10 हजार और AE व क्लर्क ने लिए 25 हजार रुपये
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 के तहत मामला दर्ज कर तीनों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

​ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर मांगी गई थी घूस

​डीएसपी अजितेश सिंह से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत प्रदीप यादव ने ACB बिलासपुर में की थी। शिकायतकर्ता प्रदीप ग्राम खोखसा में एक ‘फ्लाई एश ब्रिक्स’ (Fly Ash Bricks) का प्लांट डालना चाहते हैं। इस प्लांट में ट्रांसफार्मर और मीटर लगवाने के लिए उन्होंने जांजगीर के सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) कार्यालय में विधिवत आवेदन किया था और सरकारी नियम के अनुसार ‘डिमांड नोट’ की राशि भी जमा कर दी थी।

​सब कुछ नियमानुसार होने के बावजूद, उप अभियंता (Sub-Engineer) राजेंद्र शुक्ल द्वारा उनसे 10,000 रुपये और सहायक अभियंता (AE) विजय नोर्गे व सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर द्वारा 25,000 रुपये की अतिरिक्त रिश्वत मांगी जा रही थी। प्रदीप यादव उन्हें रिश्वत नहीं देना चाहते थे, बल्कि उन्हें रंगे हाथों पकड़वाना चाहते थे।

ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़े गए तीनों

​प्रदीप की शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने मामले का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता ‘ट्रैप’ (Trap) की योजना तैयार की गई।

​शुक्रवार को योजना के मुताबिक प्रदीप यादव केमिकल लगे हुए पैसे (रिश्वत की राशि) लेकर जांजगीर के सीएसपीडीसीएल कार्यालय पहुंचे। जैसे ही प्रदीप ने 10 हजार रुपये उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला को और 25 हजार रुपये सहायक अभियंता विजय नोर्गे व क्लर्क देवेंद्र राठौर को दिए, आसपास सादी वर्दी में तैनात ACB की टीम ने तुरंत दबिश देकर तीनों को रंगे हाथों धर दबोचा।

​जेब से निकले पैसे, सीधे गए जेल

​ACB की टीम ने मौके पर ही तीनों आरोपियों के पास से रिश्वत में लिए गए 35 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए। टीम ने हाथ धुलवाकर केमिकल परीक्षण भी किया, जिससे उनका जुर्म पुख्ता हो गया।

​कार्रवाई पूरी होने के बाद, ACB ने तीनों आरोपियों—सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर—के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों भ्रष्ट अधिकारियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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