रायगढ़। अभी कुछ दिन ही हुए रामनवमी की धूम पूरे रायगढ़ में दिखी थी। कल श्री हनुमान जयंती है। इसमें रामनवमी वाली धूम तो नहीं दिखेगी मगर मंदिरों में भजन कीर्तन और भंडारे का आयोजन बड़े उत्साह के साथ होगा। लेकिन हम यहां अभी आपको कोई दूसरी बात बताने वाले हैं। शहर के जीरो किलोमीटर पॉइंट सतीगुडी चौक में हनुमान जी कब्जे का शिकार हो गए हैं। कुछ धर्म प्रेमियों/राजनीतिको को शायद यह लाइन अच्छी ना लगे, मगर सच तो यही है। इस पूरे मामले श्री मनीष भट्टाचार्य ने बड़ी अच्छी तरह समझाते हुए बताया कि

ये सत्तीगुड़ी चौक स्थित बालमंदिर स्कूल के पीछे हनुमान मंदिर है। जो तीर का निशान है। पहले फल दुकान वहां मंदिर के बगल में खोला गया था। आज स्थिति ये है कि मंदिर लगभग गायब हो गया है। एक नही तीन तीन फल दुकान खुल गए है। मंदिर में पूजा करना असंभव है! आसपास के दुकानदार से कुछ बोलते हैं तो ये झगड़ा करने लग जाते हैं। हम केवल रामनवमी का राजनीतिकरण करेंगे या हनुमान जी को भी इस अवैध कब्जे से मुक्ति दिलाएंगे..? कल हनुमान जयंती है; इसलिए ध्यान आया!
– मनीष भट्टाचार्य

इस विषय पर पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि
शहर में रेहड़ीवालों की बाढ़ आई है। बात करने का तरीका भी ऊटपटांग है। बदतमीजी और बहस आम है। ये लोग कौन हैं कहां से आए हैं? क्या जिला या पुलिस प्रशासन ने इनकी कभी खोज खबर ली..?
शहर की आबो हवा बदल गई है। समान सस्ता होने के बाद भी हमें महंगा बिना किसी तीज त्यौहार और मौके के मिल रहा है। प्रदेश का सबसे महंगा शहर रायगढ़ बन चुका है। आखिर क्यों ?
ठेले से लेकर दुकान वाले सब महंगा बेच रहे हैं। ये बेलगाम हैं। जिम्मेदार कोयला, कबाड़ और उद्योग में मस्त हैं।
– अभिषेक उपाध्याय
देखा जाए तो यह तो स्पष्ट है कि हनुमान जी कब्जे का शिकार तो हो गए हैं। पूरे शहर को देखा जाए तो वही हाल है। सड़क किनारे फल वालों कितनी दुकान मिलेगी। आपको ऐसा लगेगा जैसे कि आप रायगढ़ शहर नहीं बल्कि फल मंडी में घुस आए हो।
कुछ दिन पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने से फल वालों को हटाया गया था। मगर हफ्ते भर बार फिर से वही सीन सड़कों पर दिखाई दिया। रायगढ़ की आप किसी भी मेंन रोड के किनारे अवैध कब्जों के साथ फलों की लंबी चौड़ी दुकान मिलेगी। इनमें से रायगढ़ स्थानीय एक्का-दुक्का का ही मिल जाए तो बहुत बड़ी बात है, बाकी सभी दूसरे प्रदेशों के है। इनको मंदिर या किसी सड़क से कोई फर्क नहीं पड़ता। सूत्र बताते हैं कि इन सभी को बसाया गया है, एक फ्रूट सिंडिकेट के द्वारा।
फिलहाल अभी नगर निगम रामनवमी के झंडा बैनर उतारने में व्यस्त है। बजरंग दल द्वारा निगम के सामने आज हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। उनका कहना था कि नगर निगम ने राम का अपमान किया है। उनकी तस्वीरों को नगर निगम की कचरा गाड़ी में उठाकर ले जाया गया, जो कि उनकी आस्था पर चोट पहुंचाता हैं।
कल हनुमान जयंती है! ऐसे में बरसों से कब्जे का शिकार हो रखे हनुमान जी को छुड़ाने भक्त आएंगे या फिर रायगढ़ जिला प्रशासन..? हम भी इंतजार में हैं और हनुमान जी भी..!



