रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) और सोशल मीडिया वॉर ने अब एक नया और विस्फोटक मोड़ ले लिया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। बघेल ने दावा किया है कि नवा रायपुर स्थित सरकारी समाचार और विज्ञापन एजेंसी ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ (Chhattisgarh Samvad) अब पूरी तरह से ‘भाजपा कार्यालय’ में तब्दील हो चुकी है। उनका आरोप है कि इसी सरकारी दफ्तर में बैठकर गुजरात की एजेंसियां कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करने के लिए फर्जी AI वीडियो बना रही हैं और राजनीतिक सोशल मीडिया अकाउंट्स चला रही हैं।
हाइलाइट्स
- पूर्व CM भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए राज्य सरकार पर साधा कड़ा निशाना
- नवा रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ को बताया भाजपा का नया आईटी सेल और प्रोडक्शन हाउस
- बड़ा आरोप- गुजरात की एजेंसियों के जरिए सरकारी दफ्तर में बन रहे हैं कांग्रेस नेताओं के AI वीडियो
- बघेल ने कहा- संवाद से ही हो रही है राजनीतिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की हैंडलिंग और पोस्टिंग
- बंद कमरों की मीटिंग का दिया हवाला, चेतावनी देते हुए कहा- “सब षड्यंत्रों का हिसाब होगा, आज नहीं तो कल”
’छत्तीसगढ़ संवाद को लगा लेना चाहिए भाजपा का बोर्ड’
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट करते हुए सीधे तौर पर ‘सिस्टम’ के दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि नवा रायपुर स्थित “छत्तीसगढ़ संवाद” को अब “भाजपा कार्यालय, नवा रायपुर” का बोर्ड लगा लेना चाहिए। बघेल का इशारा साफ है कि सरकारी पीआर (PR) का काम करने वाली यह संस्था अब केवल सत्ताधारी दल के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का टूल बन गई है।
AI वीडियो और ‘गुजरात’ कनेक्शन का आरोप
बघेल ने अपनी पोस्ट में सबसे गंभीर आरोप ‘डीपफेक’ और ‘AI वीडियो’ के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर लगाया है। उन्होंने लिखा, “गुजरात की एजेंसियों के माध्यम से मेरी और साथी कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करने के लिए AI वीडियो का प्रोडक्शन हाउस अब ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ बन गया है।” उनका दावा है कि इस सरकारी बिल्डिंग के अंदर न केवल राजनीतिक वीडियो रचे जा रहे हैं, बल्कि भाजपा के अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स का संचालन (Handling) और पोस्टिंग भी वहीं से की जा रही है।
’दीवारों के कान हैं… खाकी पैंट और कमल का बिल्ला लगा लें’
भूपेश बघेल ने ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ में बैठे अधिकारियों और एजेंसियों को खुली चेतावनी भी दी है। उन्होंने अंदरखाने चल रही बैठकों का जिक्र करते हुए लिखा, “आप लोग मीटिंग में खूब कहते रहिए कि ‘ये बात बाहर नहीं जानी चाहिए’, लेकिन दीवारों के भी कान होते हैं।”
सिस्टम पर सीधा प्रहार करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “आप लोग ख़ाकी पैंट पहनिए, कमल का बिल्ला लगाइए और कार्यालय का नाम भी बदल दीजिए।” यह लाइन सीधे तौर पर आरएसएस (RSS) और भाजपा की विचारधारा के सरकारीकरण पर तंज है।
’घड़ी रुकने से समय नहीं रुकता, हिसाब होगा’
अपनी पोस्ट के अंत में पूर्व सीएम ने एक सख्त राजनीतिक चेतावनी छोड़ते हुए लिखा है, “बस इतना याद रखिएगा कि घड़ी रुकने से समय नहीं रुकता। सब षड्यंत्रों का हिसाब होगा। फिर मिलेंगे… आज नहीं तो कल।”
भूपेश बघेल के इस बेबाक और आक्रामक पोस्ट के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में सियासी पारा गरमाना तय है। देखना यह है कि भाजपा संगठन और राज्य सरकार इस गंभीर आरोप पर क्या पलटवार करती है।



