बिलासपुर। कुदुदंड चांदनी चौक में दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन को लेकर विवाद गहरा गया है। नवयुवक श्रद्धा दुर्गा एवं दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने एक सदस्य और उसके साथियों पर मनमाने तरीके से तय समय से पहले रावण का पुतला जलाने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में समिति के पदाधिकारी पूरी रामलीला मंडली के साथ उसी वेशभूषा में सिविल लाइन थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परंपरा और तय समय से पहले आग लगाने का आरोप
उत्सव समिति के अनुसार, कुदुदंड चांदनी चौक में गठित समिति लंबे समय से दुर्गा पूजा और दशहरा उत्सव का आयोजन करती आ रही है। इस आयोजन में विभिन्न धर्मों और समाजों के लोग पदाधिकारी और सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं। समिति का कहना है कि सदस्य मनीष राव चौहान उर्फ अंकित पहले भी धार्मिक टिप्पणी कर चुका था, जिसे लेकर समिति में विवाद की स्थिति बनी थी।
शिकायत के मुताबिक, दशहरा पर्व पर करीब 40 हजार रुपये की लागत से तैयार 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले को तय धार्मिक परंपरा और विधि-विधान के अनुसार दहन करने की तैयारी थी। इसके लिए राम, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी भी निकाली गई थी। आरोप है कि निर्धारित समय से पहले ही मनीष राव चौहान उर्फ अंकित ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिना धार्मिक रीति-रिवाजों के पुतले में आग लगा दी। इससे स्थानीय लोगों और समिति सदस्यों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और मौके पर आक्रोश फैल गया।
रामलीला वेशभूषा में थाने पहुंचे सदस्य, धाराओं में केस दर्ज
पुतला दहन में हुई इस मनमानी के बाद राम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना का रूप धारण किए कलाकार उसी वेशभूषा में समिति सदस्यों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे और त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299, 324(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केवट ने बताया कि रावण दहन को लेकर समिति की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। फिलहाल लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









