रायगढ़। नगर निगम की जेसीबी कार्रवाई को लेकर वार्ड क्रमांक 38 (देवार पारा क्षेत्र) में गुरुवार को विवाद की स्थिति बन गई। यह वार्ड महापौर जीवर्धन चौहान का हैं। पूर्व पार्षद मुरारी भट्ट ने आरोप लगाया कि महापौर जीवर्धन चौहान तथा वार्ड के पार्षद कुंदन डेहरी “पर्सनल इंटरेस्ट” लेकर कार्रवाई करा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पट्टे/निजी जमीन पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया गया, जबकि प्रभावित पक्ष ने पहले दिए गए नोटिस का जवाब और अपने दस्तावेज जमा कर दिया था। बुलडोजर कार्रवाई के बाद मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने निगम टीम से कार्रवाई के आदेश, शिकायतकर्ता और जिम्मेदार अधिकारी का नाम बताने की मांग की। मगर मौजूद निगम कर्मचारी ऊपर से आदेश है, बताकर टालते रहे।

अंतिम तोड़फोड़ का कोई नोटिस नहीं
जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 38 देवार पारा में महेंद्र यादव के स्वामित्व की पट्टे की जमीन है। प्रभावित पक्ष की ओर से रीना यादव ने बताया कि 2005 में सड़क निर्माण के समय उन्होंने अपनी 6 फीट निजी जमीन सड़क के लिए दी थी। बाउंड्री लगभग एक महीने पहले बनवाई गई थी। उनके अनुसार निगम से एक नोटिस आया था, जिसका जवाब दिया गया और पट्टा/दस्तावेज भी जमा किए गए, लेकिन उसके बाद कोई लिखित जवाब या अंतिम तोड़फोड़ कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई। आरोप है कि जिस समय तोड़फोड़ हुई, उस वक्त घर पर महेंद्र यादव मौजूद नहीं थे और बिना स्पष्ट पूर्व सूचना के जेसीबी से दीवार गिरा दी गई।

पूर्व पार्षद बोले महापौर और पार्षद का पर्सनल इंटरेस्ट
पूर्व पार्षद मुरारी भट्ट ने घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि यह इलाका पहले भी विवादों में रहा है। महापौर जीवर्धन चौहान भी यहीं रहते हैं। उनके बयान के मुताबिक संबंधित स्थल निजी/पट्टे की जमीन है और उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर जीवर्धन चौहान तथा वार्ड के पार्षद कुंदन डेहरी “पर्सनल इंटरेस्ट” लेकर कार्रवाई करा रहे हैं।
मुरारी भट्ट ने कहा कि कि वार्ड के लोग यह जानना चाहते हैं कि शिकायत किसने की और किसके निर्देश पर जेसीबी भेजी गई। उनका कहना है कि अगर कार्रवाई नियमों के तहत हुई है तो लिखित आदेश और शिकायत की प्रति सार्वजनिक की जानी चाहिए।

वहीं महेंद्र कुमार यादव ने भी कहा कि तोड़ने की कार्रवाई का लिखित नोटिस नहीं मिला और मौके पर मौजूद कर्मचारी/ड्राइवर “ऊपर से आदेश” कहकर अधिकारी का नाम बताने से बचते रहे। प्रभावित पक्ष ने नगर निगम से नुकसान की भरपाई और पूरे मामले की जांच की मांग की है।



