रायपुर। छत्तीसगढ़ में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) रसोइयों के मानदेय भुगतान की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 117 करोड़ रुपये के पुनर्विनियोजन को प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। वित्त विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम के बाद रसोइया संघ ने अपनी एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी है और 30 सितंबर से स्कूलों में काम पर लौटने का फैसला किया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रसोइयों के मानदेय की टॉपअप राशि के लिए यह 117 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया अतिरिक्त बजट नहीं है, बल्कि पहले से स्वीकृत और प्रावधानित राशि का ही पुनर्विनियोजन (बजट ट्रांसफर) है। वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को इस पूरी राशि का मदवार व्यय विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन महीने से लंबित भुगतान के चलते ठप हुआ था मध्याह्न भोजन
मध्याह्न भोजन रसोइया संघ की प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे के अनुसार, राज्य में 16 जून से शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद से रसोइयों को पिछले तीन महीनों से मानदेय और कुकिंग कॉस्ट का भुगतान नहीं मिला था। संघ ने 28 सितंबर तक भुगतान न होने की स्थिति में काम बंद करने का अल्टीमेटम दिया था। निर्धारित समय में मांग पूरी न होने पर 29 सितंबर को प्रदेश के लगभग 56,895 स्कूलों में रसोइयों ने काम बंद हड़ताल शुरू कर दी थी, जिससे पूरे राज्य में बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो गई थी।
एसएनए-स्पर्श पोर्टल के कारण आई तकनीकी दिक्कतों का समाधान
विभागीय आदेश के अनुसार, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं का संचालन जुलाई 2026 से एसएनए-स्पर्श (SNA-SPARSH) पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। इस व्यवस्था में रसोइयों के मानदेय भुगतान की टॉपअप राशि के लिए राज्य आयोजना मद में अलग से प्रावधान रखा गया था। तकनीकी और बजटीय तालमेल ठीक करने के लिए अब राज्य आयोजना मद की इस राशि को केंद्र प्रवर्तित योजना के राज्यांश मद में पुनर्विनियोजित किया गया है।
आदेश के मुताबिक, 117 करोड़ रुपये की कुल राशि को तीन बजट शीर्षों में विभाजित किया गया है। इसमें 102 करोड़ रुपये मुख्य मद में, 10 करोड़ रुपये सहयोगी बजट शीर्ष में और 5 करोड़ रुपये तीसरे संबंधित शीर्ष में ट्रांसफर किए गए हैं।
काम पर लौटने का निर्णय, लेकिन दीर्घकालिक मांगों पर रुख बरकरार
सरकार द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद रसोइया संघ ने 30 सितंबर से सभी स्कूलों में भोजन पकाने का काम फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया है कि यह स्थगन केवल तीन महीने के बकाया मानदेय के समाधान को लेकर है। संघ की दीर्घकालिक मांगें—जैसे वर्तमान मानदेय (लगभग 66 रुपये प्रतिदिन) को बढ़ाकर कलेक्टर दर पर करना, अंशकालीन कार्य को पूर्णकालीन दर्जा देना और छात्र संख्या कम होने पर भी रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना—अभी भी लंबित हैं। इन मांगों को लेकर संघ ने 5 अक्टूबर के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।









