रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया पूरी होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए हुए चुनाव में फर्जी आईडी, फर्जी मतदान और ‘With IYC’ ऐप में तकनीकी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। कुछ प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 29 सितंबर को ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक कुल 14 लाख 50 हजार 626 वोट दर्ज किए गए। इनमें 11 लाख 76 हजार 907 पेड वोटर और 2 लाख 79 हजार 719 अनपेड वोटर शामिल हैं। अनपेड वोटरों के लिए सदस्यता शुल्क भुगतान की समय-सीमा 1 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है।
With IYC ऐप और फर्जी आईडी से मतदान के आरोप
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब मतदान का निर्धारित समय समाप्त होने के बावजूद आंकड़ों में बदलाव दिखने का दावा किया गया। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष और युवा कांग्रेस प्रत्याशी विनय शील ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि मतदान खत्म होने के बाद भी उनकी आईडी से जुड़े कुछ अनपेड वोट दिखाई दे रहे थे। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अलग-अलग जिलों के वोट उनकी आईडी से कैसे जुड़े। हालांकि, इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
संगठन का यह चुनाव ‘With IYC’ ऐप के जरिए कराया गया था। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि वर्चुअल नंबरों और सस्ते ओटीपी प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी आईडी तैयार कर कम समय में वोट बढ़ाए गए। हालांकि, ऐप के हैक होने या बाहरी हस्तक्षेप की किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा, बिलासपुर से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें फर्जी वोटिंग को लेकर बातचीत का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी सत्यता भी जांच का विषय है।
8 रुपये में OTP से फर्जी ID बनाने का दावा
चुनाव से जुड़े कुछ आरोपों में वर्चुअल नंबर और OTP के जरिए कई ID तैयार करने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में ऐसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया गया है, जहां कम कीमत पर वर्चुअल नंबर के जरिए OTP प्राप्त करने का दावा किया जाता है।
भाजपा ने साधा निशाना, नेतृत्व से मांगा जवाब
युवा कांग्रेस चुनाव में उठे इस विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने इन आरोपों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ता संगठनात्मक चुनाव में फर्जी मतदान, फर्जी मतदाता सूची और वोट मैनेजमेंट के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
स्क्रूटनी और तकनीकी सत्यापन के बाद ही आएंगे परिणाम
फिलहाल सामने आए सभी आरोप जांच के दायरे में हैं। संगठन स्तर पर पड़े वोटों की स्क्रूटनी और तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इस जांच में यह परखा जाएगा कि कितने वोट वैध हैं और कितने वोट सदस्यता भुगतान न होने या तकनीकी खामियों के कारण अमान्य किए जाते हैं। स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित किए जाएंगे।









