रायगढ़। बुधवार को नगर निगम के सभाकक्ष में आयोजित विशेष सम्मेलन में शहर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 454 करोड़ 73 लाख रुपए का बजट पेश किया। शहर सरकार के कार्यकाल के अंतिम बजट में महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं होने पर विपक्ष के पार्षदों ने इसका विरोध किया। वहीं कुछ पार्षदों ने इस बजट को कॉपी पेस्ट बता कर शहर सरकार पर उंगली भी उठाए।
इस बजट में सेंट्रल लाइब्रेरी, सड़क, सामुदायिक भवन, पुल-पुलिया, बस स्टैंड निर्माण, चौक-चौराहों का सौंदर्गीकरण सहित 9 एमएलडी व 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट अपग्रेडेशन के लिए 295 करोड़ 66 लाख का प्रावधान रखा गया है।
इसी तरह अधोरंचना मद, 14वें व 15वें वित्त, डीएमएफ, महापौर, पार्षद निधि सहित अन्य मदों से भी सड़क, नाली, शेड, बाउंड्रीवाल, चबूतरा, गार्डन, तालाब सौंदर्गीकरण, पौनी पसारी सहित अन्य कामों के लिए लाखों-करोड़ों रुपए का प्रावधान रखा गया है।
गोठानों में गायों की सेवा नहीं बल्कि दे रहे हैं सजा : सीनू राव
वार्ड क्रमांक 39 के बीजेपी पार्षद सीनू राव ने कहा कि बीते वर्ष शहर सरकार ने अपने बजट में शहरवासियों के लिए दो शव वाहन व दो डीप फ्रीजर का प्रावधान रखा था वो कहां हैं? शहर सरकार बजट में जो प्रावधान रखती है उस पर अमल नहीं होता है पूरा कॉपी-पेस्ट बजट है। पिछले साल पानी के लिए लोगों ने कितना हंगामा मचाया, लेकिन कोई व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। शहर के गोठानों में गायों की सेवा नहीं की जा रही बल्कि उन्हें सजा दी जा रही है। गायों के लिए न तो ढंग से चारा मिल रहा है और न ही उनकी सेवा हो रही है। गायों को जो पीने के लिए पानी दिया जाता है वो भी काफी खराब है। इस तरह शहरी गोठानों में बहुत खराब व्यवस्था है। इसी तरह नगर निगम द्वारा लोगों को दी जाने वाली कफन-दफन की राशि क्रियाकर्म खत्म होने के दो से तीन माह बाद दी जाती है तो उस राशि का क्या मतलब?
जिंदल टैक्स पर दो ही पार्षद हुए मुखर
जिंदल टैक्स को लेकर सदन में दो पार्षद मुखर हुए, बाकी पार्षदों ने इस ओर चुप्पी साध रखी थी। पार्षद सीनू राव ने निगम प्रशासन से कहा कि जिंदल से आखिर क्यों टैक्स नहीं वसूल की जाती? टैक्स नहीं पटानो पर गरीब आदमी के दुकानों को सील किया जा रहा है, दम है तो जिंदल पर ताला लगा कर दिखाओ। यहां तो सिर्फ नोटिस नोटिस का खेल चल रहा है, जिंदल दो से तीन लाख भेज देता है तो उसे खुशी-खुशी स्वीकार लिया जाता है।
वहीं पार्षद महेश कंकरवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम के आय में क्या जिंदल के टैक्स को सम्मिलित किया है? इस पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। श्री कंकरवाल ने आगे कहा कि जिंदल के टैक्स का कोई निपटारा आज तक नहीं हुआ है, अगर जिंदल से टैक्स मिलेगा तो शहर का सर्वांगीण विकास होगा।
राघवन और महेश ने उठाया दुकान नामांतरण का मामला
अपने संबोधान में वार्ड क्रमांक 42 के बीजेपी पार्षद राघवन ने नामांतरण का मामला उठाते हुए कहा कि आखिर बजट में इस मामले को क्यों नहीं लाया जाता। सालों से दुकान नामांतरण के मामले राजस्व विभाग में अटके हुए हं। इसके बाद वार्ड क्रमांक 19 के बीजेपी पार्षद महेश कंकरवाल ने राघवन की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि 28 फरवरी 2022 को सम्मेलन की बैठक में निर्णय लिया गया था कि पूर्व में जितने भी नामांतरण के मामले हैं उन सबका निपटारा किया जाएगा। शर्म की बात है कि इस बात को दो वर्ष हो गए लेकिन नामांतरण के केस को सुलझा नहीं पाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे सम्मेलन का यहां के अधिकारी, कर्मचारी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने एमआईसी सदस्यों और महापौर को भी दोषी ठहराते हुए कहा कि दो साल में मामले का क्यों निराकरण नहीं हुआ। विशेष सम्मेलन शहर के हित के लिए किया जाता है। इसमें सभी की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। तब सभापति ने कहा कि प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी कमिश्नर की है, अगर वो नहीं करा पाते तो वो दोषी माने जाएंगे।

पार्षदों ने बजट में प्रावधान के लिए दिए यह सुझाव
सुभाष पांडेय, वार्ड क्रमांक 16 : शहर में महिला समृद्धि बाजार के लिए दुकान का निर्माण किया जाए। कामकाजी महिलाओं व छात्राओं के लिए हॉस्टल, छात्रावास का निर्माण किया जाए।
पंकज कंकरवाल, वार्ड क्रमांक 23: लावारिश शव के लिए निगम से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाए।
महेश कंकरवाल, वार्ड क्रमांक 19 : वार्डों के राशन दुकान अक्सर बदल जाते हैं, पूरे 48 वार्डों में एक-एक स्थायी राशन दुकान का निर्माण किया जाए। गांधी प्रतिमा से सुभाष चौक, सुभाष चौक से मंदिर चौक, गोपी टाकीज से जंजघर तक बड़े नाले का निर्माण किया जाए।
सीनू राव, वार्ड क्रमांक 39 : निगम द्वारा दी जाने वाली कफन-दफन की राशि नहीं है पर्याप्त, राशि बढ़ाई जाए।
अशोक यादव, वार्ड क्रमांक 2 : सभी वार्डों के तालाबों का सौंदर्गीकरण किया जाए। शहर के प्रमुख स्थलों का नाम दिवंगत पार्षदों के नाम किया जाए।
सपना सिदार, वार्ड 25 : वर्तमान में पार्षदों को 15 हजार रुपए मानदेय मिलता है, अगर उनका कार्यकाल खत्म हो जाए तो सभी पार्षदों को साढ़े 7 हजार रुपए पेंशन के रूप में दिया जाए।
रमेश भगत, वार्ड क्रमांक 46 : पिछली सरकार में शहर के 48 वार्डों में करोड़ों रुपए के डामरीकरण सड़क का भूमिपूजन हुआ था, प्रदेश सरकार बदलते ही उक्त राशि को वापस ले लिया गया है, जिसे सड़कों के निर्माण के लिए वापस किया जाए।
प्रभाती महापात्रे, वार्ड क्रमांक 1 : वार्ड में स्थित तालाब का सौंदर्गीकरण किया जाए।



