रायगढ़। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गुणवत्ता और आम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के संबंधित बैचों की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। प्रयोगशाला जांच में दोनों उत्पादों में निर्धारित मानक से अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने के बाद इन्हें असुरक्षित घोषित किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को बाजार में मौजूद प्रभावित स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।
कार्यालय उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायगढ़ की अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशों के तहत की गई है।
फॉर्च्यून मैदा में निर्धारित सीमा से अधिक मिला क्लोरपाइरीफॉस
जांच में शामिल फॉर्च्यून मैदा का निर्माण मेसर्स अनिरुद्ध फूड लिमिटेड (ग्राम करवत, पोस्ट दांडी, तहसील चंदौली, उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया है। संबंधित उत्पाद का बैच नंबर FAMD55O059A है, जिसकी निर्माण तिथि 28 फरवरी 2026 और अवसान तिथि 27 अगस्त 2026 दर्ज है।
काली-लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल की 24 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैच में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा 0.014 पीपीएम पाई गई। इस रसायन की निर्धारित सुरक्षित सीमा 0.01 पीपीएम तय है। मानक से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए जाने के कारण इस बैच को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
जैन चुस्की चाय में 18 गुना अधिक पाया गया एसीटामिप्रिड
इसी प्रकार जैन चुस्की चाय के 175 ग्राम पैक (बैच नंबर सीएच 653) की जांच में भी तय मानक से कहीं अधिक कीटनाशक अवशेष सामने आया है। इस उत्पाद से संबंधित निर्माता व विक्रेता मेसर्स जैन ट्रेडर्स (आकृति विहार, अमलीडीह, रायपुर) हैं।
राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला, कोलकाता की 30 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस चाय में एसीटामिप्रिड की मात्रा 0.18 पीपीएम पाई गई, जबकि इसकी निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है। निर्धारित मानक से 18 गुना अधिक कीटनाशक पाए जाने के आधार पर संबंधित बैच को असुरक्षित घोषित करते हुए इसकी बिक्री रोकने और बाजार से स्टॉक हटाने को कहा गया है।









