मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की 25 वर्षीय नेहा ठाकुर ने एयर होस्टेस बनने का सपना टूटने के बाद एक नया मुकाम हासिल किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान विमानन क्षेत्र में संकट आने से नौकरी गंवाने के बाद, उन्होंने 16 टन के ट्रक का स्टीयरिंग व्हील थाम लिया। आज वह हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक चालक के रूप में पहचानी जा रही हैं और देश भर के दुर्गम पहाड़ी दर्रों व अंतरराज्यीय राजमार्गों पर भारी वाणिज्यिक वाहन चला रही हैं।
विमानन क्षेत्र से भारी वाणिज्यिक वाहनों तक का सफर
मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र अंतर्गत खुदला गांव की रहने वाली नेहा ठाकुर ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एयर होस्टेस बनने का प्रशिक्षण लिया था। इसके लिए वह चंडीगढ़ गई थीं और महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर हुई छंटनी से पहले उन्होंने विमानन क्षेत्र में कुछ समय काम भी किया। अचानक नौकरी जाने के बाद वह अपने गृहनगर लौटीं और उन्होंने उस क्षेत्र को करियर बनाने का फैसला किया, जिसमें उनकी रुचि बचपन से थी।
नेहा के पिता राजेश ठाकुर दो दशकों से अधिक समय तक ट्रक चालक रहे हैं। नेहा ने अपने व्लॉग में साझा किया था कि उनके पिता अक्सर उन्हें ट्रक से स्कूल छोड़ते थे, जिससे उनके मन में इन विशाल वाहनों के प्रति आकर्षण पैदा हुआ। इसके बाद उन्होंने ड्राइविंग स्कूल में दाखिला लिया और जटिल गियर शिफ्ट, क्लच नियंत्रण और एयर ब्रेक जैसी तकनीकी चीजें सीखीं। वर्ष 2023 में 21 वर्ष की आयु में उन्हें आधिकारिक रूप से हेवी मोटर व्हीकल (HMV) लाइसेंस प्राप्त हुआ। इस दौरान उनके पिता ने सामाजिक संदेहों से बचाते हुए पारिवारिक ट्रक पर अभ्यास कराने में पूरा सहयोग दिया।
चुनौतियों के बीच अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालन
शुरुआती दौर में स्थानीय मार्गों पर वाहन चलाने के बाद नेहा ठाकुर अब लंबी अंतरराज्यीय यात्राएं करती हैं। वह 16 टन के टाटा ट्रक का संचालन करते हुए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की ढुलाई करती हैं। संकरी पहाड़ी सड़कों, घने कोहरे और मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच वाहन चलाने के साथ-साथ उन्हें अनियमित खान-पान और घर से दूर रातें बिताने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
केबिन से सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स
नेहा अपने ट्रक के केबिन में कैमरा लगाकर यात्रा के अनुभव रिकॉर्ड करती हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। उनके वीडियो में भारी वाहन संभालने, अचानक आई तकनीकी खराबी से निपटने और यात्रा की वास्तविक चुनौतियों को दिखाया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, उनके यूट्यूब चैनल पर 4.5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 8 लाख से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं।









