रायगढ़। सेठ किरोड़ीमल धर्मादा न्यास की ग्राम कोकड़ीतराई, किरोड़ीमल नगर स्थित भूमि पर काबिज व्यक्तियों के आधिपत्य से जुड़े दस्तावेजों का शुक्रवार को उच्च स्तरीय जांच समिति ने सत्यापन किया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय किरोड़ीमल नगर में अपर जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे से यह कार्यवाही शुरू हुई। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों के मूल दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ भूमि पर आधिपत्य के आधार, अवधि और किराया भुगतान से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया।
सत्यापन की इस प्रक्रिया के दौरान समिति के सदस्य नगर पालिक निगम रायगढ़ के आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी चंद्रपाल सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे मौजूद रहे। इसके अलावा संयुक्त राजस्व जांच दल के राजस्व निरीक्षक और संबंधित हल्का पटवारी मूल जांच प्रतिवेदन, सीमांकन पंचनामा, भूमि के अभिन्यास और अन्य राजस्व अभिलेखों के साथ उपस्थित थे।

मूल दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों का मिलान
सूचना पत्र में उल्लेखित सभी संबंधित काबिज व्यक्ति निर्धारित समय पर पहुंचे। समिति ने प्रत्येक व्यक्ति को क्रमवार बुलाकर भूमि की रजिस्ट्री, किरायानामा, विक्रय रसीद, किराया भुगतान की रसीद, संपत्ति कर की रसीद, बिजली बिल और पहचान पत्रों की गहन जांच की। मूल दस्तावेजों से मिलान करने के बाद उनकी स्वप्रमाणित छायाप्रतियां प्रकरण के अभिलेख में शामिल की गईं। इन सभी दस्तावेजों का मिलान संबंधित खसरा नंबर, काबिज रकबे और स्थल जांच प्रतिवेदन में दर्ज विवरण से भी किया गया।
समिति ने संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया। लोग भूमि पर कब से काबिज हैं, उन्हें भूमि किस आधार पर प्राप्त हुई और वे किराये का भुगतान किसे करते थे, इन सभी बिंदुओं पर बयान दर्ज किए गए। इस दौरान गोपाल ट्रेडिंग कंपनी को किराया देने की बात कहने वाले व्यक्तियों से रसीदें और अन्य विवरण भी लिए गए।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर होगा आगामी निर्णय
अपर जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई के बजाय संबंधित व्यक्तियों को पूर्व सूचना देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न्यास की धर्मार्थ भूमि को सुरक्षित रखना और उसके नाम पर आम नागरिकों से होने वाली अनधिकृत किराया वसूली जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
प्रशासन के अनुसार लंबे समय से निवासरत परिवारों, छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों के पक्ष को सुनते हुए अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच समिति प्रस्तुत दस्तावेजों का राजस्व और न्यास के अभिलेखों से विस्तृत मिलान कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी, जिसके बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।









