जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो निर्दोष मजदूरों की जान चली गई है। काम की तलाश में घर से दूर गए युवाओं की इस तरह हत्या से पूरे प्रदेश में आक्रोश और शोक की लहर है।
मृतकों की पहचान सक्ती जिले के रहने वाले दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भैना के रूप में हुई है। इस वारदात के बाद से दोनों जिलों के उनके पैतृक गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और परिजनों के बयानों के अनुसार, आतंकियों ने पहले मजदूरों को रोका। फिर उनसे उनका नाम, धर्म और वे किस राज्य से आए हैं, इसकी पूछताछ की। इसके बाद उन्हें निशाना बनाकर बेहद करीब से गोलियां मार दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।’
छत्तीसगढ़ शासन अब कश्मीर के स्थानीय प्रशासन से संपर्क में है। मृतकों के पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके गृह ग्राम तक लाने की तैयारी की जा रही है।









