रायगढ़। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गति अब और तेज होने वाली है। निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को रोकने के लिए अब जिला स्तर पर हर सप्ताह कार्यों की समीक्षा की जाएगी। शनिवार (7 मार्च) को जिला पंचायत रायगढ़ के सभाकक्ष में आयोजित एक अहम बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अभिजीत बबन पठारे ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय-सीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाइलाइट्स:
- कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर Zila Panchayat CEO ने ली आवास योजना की बड़ी समीक्षा बैठक
- आवास निर्माण कार्यों की प्रगति मापने के लिए फील्ड अफसरों को दिए गए साप्ताहिक लक्ष्य
- मनरेगा के तहत हितग्राहियों को 90 दिन की मजदूरी और लंबित भुगतान जल्द चुकाने के सख्त निर्देश
- काम में लापरवाही बरतने वाले मैदानी अमले (कर्मचारियों) पर होगी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई
- आवास निर्माण में जानबूझकर अनावश्यक विलंब करने वाले हितग्राहियों पर भी एक्शन लेने की तैयारी
साप्ताहिक लक्ष्यों से मापी जाएगी काम की रफ्तार
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में Zila Panchayat CEO श्री पठारे ने सभी विकासखण्ड समन्वयकों और फील्ड नोडल अधिकारियों की क्लास ली।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के आवास अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता पर तत्काल प्रारंभ कराया जाए। वित्तीय वर्ष 2024-26 के स्वीकृत आवासों को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को ‘साप्ताहिक लक्ष्य’ दिए गए हैं। अब काम की मॉनिटरिंग प्लींथ लेवल से खिड़की लेवल, खिड़की से डोर लेवल और डोर से रूफ (छत) लेवल तक हर हफ्ते की जाएगी। CEO ने फील्ड अफसरों को हितग्राहियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा मजदूरी और लंबित भुगतान पर फोकस
बैठक में सिर्फ आवास निर्माण ही नहीं, बल्कि मजदूरों के हक के पैसों पर भी चर्चा हुई। CEO श्री पठारे ने मनरेगा के तहत हितग्राहियों को मिलने वाली 90 दिवस की मजदूरी और लंबित भुगतानों की स्थिति की गहरी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि पात्र हितग्राहियों को समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और लंबित प्रकरणों का तुरंत निपटारा किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के अधूरे कार्यों को भी जल्द पूर्ण कराने पर जोर दिया गया।
रुचि न लेने वाले हितग्राहियों पर भी होगा एक्शन
बैठक में मौजूद अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल ने निर्माण कार्यों में आ रही चुनौतियों के समाधान पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी जनपद स्तर पर अपेक्षित प्रगति नहीं मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, प्रशासन ने उन हितग्राहियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है, जो बार-बार कहने के बावजूद आवास निर्माण कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं या जानबूझकर अनावश्यक विलंब कर रहे हैं।
इस अहम बैठक में जिला समन्वयक, आवास समन्वयक, सहायक अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप-अभियंता, जनपद पंचायतों के ADO और मनरेगा शाखा के कार्यक्रम अधिकारी सहित पूरी जनपद टीम उपस्थित रही।



